कर्नाटक : 1,464 करोड़ रुपए के अंतर-राज्यीय नकली चालान रैकेट का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

बेंगलुरु, 4 जनवरी (khabarwala24)। कर्नाटक सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग के प्रवर्तन विंग (दक्षिण क्षेत्र) ने कर्नाटक और तमिलनाडु में संचालित एक बड़े पैमाने पर अंतर-राज्यीय नकली चालान रैकेट का पर्दाफाश किया है।इस रैकेट ने सीमेंट, लोहा, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री से संबंधित 1,464 करोड़ रुपए के फर्जी आवक-जावक लेनदेन किए, जिससे लगभग 355 […]

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बेंगलुरु, 4 जनवरी (khabarwala24)। कर्नाटक सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग के प्रवर्तन विंग (दक्षिण क्षेत्र) ने कर्नाटक और तमिलनाडु में संचालित एक बड़े पैमाने पर अंतर-राज्यीय नकली चालान रैकेट का पर्दाफाश किया है।

इस रैकेट ने सीमेंट, लोहा, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री से संबंधित 1,464 करोड़ रुपए के फर्जी आवक-जावक लेनदेन किए, जिससे लगभग 355 करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) गलत तरीके से प्राप्त और आगे बढ़ाया गया। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी वास्तविक माल की आवाजाही के पूरी की गई थी।

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इस रैकेट का पता लगाने में विभाग के एडवांस्ड सिस्टम एनालिटिक्स और इन-हाउस विकसित नॉन-जेनुइन टैक्सपेयर (एनजीटीपी) मॉड्यूल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मॉड्यूल ने जीएसटी बैक ऑफिस से प्राप्त आईपी एड्रेस ट्रेल्स के साथ मिलकर असामान्य चालान पैटर्न और सर्कुलर आईटीसी प्रवाह की पहचान की। इन एनालिटिक्स के आधार पर बेंगलुरु, चेन्नई, वेल्लोर और पेरनामपट्टू में एक साथ समन्वित तलाशी अभियान चलाए गए।

जांच में सामने आया कि रैकेट के सदस्यों ने जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर कई जीएसटी पंजीकरण धोखाधड़ी से प्राप्त किए। इनमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त स्टांप पेपर, मनगढ़ंत किराये के समझौते, जाली हस्ताक्षर, झूठी कर-भुगतान रसीदें और नकली नोटरी सत्यापन शामिल थे। इन फर्जी पंजीकरणों का उपयोग शेल कंपनियों की कई परतें बनाने में किया गया, जो नकली चालान जारी करने और प्रसारित करने का काम करती थीं।

बड़ी मात्रा में आईटीसी का दुरुपयोग करने के बाद इन संस्थाओं ने स्वेच्छा से जीएसटी पंजीकरण रद्द कर दिए ताकि जांच से बच सकें। विभाग इसे एक नई और खतरनाक प्रवृत्ति मान रहा है, जिसमें पंजीकरण रद्दीकरण को ही कर धोखाधड़ी छिपाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

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समन्वित अभियानों के दौरान 24 मोबाइल फोन, 51 सिम कार्ड, दो पेन ड्राइव, कई बैंक स्टेटमेंट और विभिन्न रबर स्टैम्प जब्त किए गए। ये सामग्रियां रैकेट की संरचना, पैमाने और अंतर-राज्यीय नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण डिजिटल, वित्तीय और दस्तावेजी सबूत प्रदान कर सकती हैं।

इस ऑपरेशन में तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर विभाग के सक्रिय सहयोग से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से दो की पहचान तमिलनाडु के दो भाई इरबाज अहमद और नफीज अहमद के रूप में हुई है, जबकि अन्य दो की पहचान बेंगलुरु के एड्डला प्रताप और रेवती के रूप में हुई है।

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