नई दिल्ली, 29 जनवरी (khabarwala24)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार लगातार नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं। संसद के भीतर और बाहर इस विषय पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इस मौके पर अपनी-अपनी बातें रखीं और बजट तथा संसद की कार्यप्रणाली को लेकर विचार साझा किए।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि भारत को एक महिला वित्त मंत्री मिली हैं, जो लगातार सफलतापूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। पिछले कई वर्षों में जो भी बजट पेश किए गए हैं, उनका मुख्य उद्देश्य जनकल्याण और देश के समग्र विकास पर केंद्रित रहा है।
उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता हमेशा आम लोगों की जरूरतों को पूरा करना और देश को आगे बढ़ाना रही है।
संसद में चर्चा और हंगामे को लेकर भी मनन कुमार मिश्रा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी दोनों ही चर्चा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। प्रधानमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी सदन में संवाद के पक्षधर हैं, लेकिन उनके अनुसार, राहुल गांधी और उनकी पार्टी अक्सर तब शोर-शराबा करती है, जब चर्चा होनी होती है और जैसे ही सदन में वास्तविक बहस शुरू होती है, वे बाहर चले जाते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सही नहीं बताया।
वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य अशोक कुमार मित्तल ने भी प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब भारत में महिलाएं किसी भी बड़े पद पर पहुंचती हैं और देश के लिए योगदान देती हैं, तो यह महिलाओं की शक्ति को दर्शाता है।
उनके मुताबिक यह ऐसी बात है, जिसकी सभी को सराहना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें हर स्तर पर सहयोग देना चाहिए।
वहीं टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “कोई उम्मीद नहीं है। अर्थव्यवस्था की हालत खराब है और अमेरिका टैरिफ बढ़ा रहा है।”
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