श्रीनगर, 18 मार्च (khabarwala24)। कश्मीर घाटी के एक प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर पुलिस पर ‘नजरबंद’ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने हमलों में ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी की मौत के बाद इजरायल की भी कड़ी आलोचना की।
मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘इजराइल जैसे दुष्ट देश की ओर से सेक्रेटरी अली लारीजानी की लक्षित हत्या की हम कड़ी निंदा करते हैं। ईरान के लोगों और उनके नेतृत्व का अदम्य साहस एक सच्चे मुस्लिम राष्ट्र की भावना को दर्शाता है।
उन्होंने आगे लिखा, “यह साहसी, दृढ़ और अल्लाह में अटूट विश्वास रखने वाला है। ऐसे लोग ही नेतृत्व करने के हकदार हैं। जैसा कि कुरान हमें याद दिलाती है, ‘और अंत में जीत नेक लोगों की ही होती है।’
मीरवाइज उमर फारूक ने दूसरे मुस्लिम देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “दूसरी ओर, मुस्लिम जगत के अन्य नेताओं ने खुद को सिर्फ कठपुतलियों के रूप में ही उजागर किया है, जिनमें न तो साहस है और न ही कोई दृढ़ विश्वास।”
इसी बीच, उन्होंने पोस्ट में लिखा, “इस ‘पुलिस राज’ के डरपोक शासकों ने एक बार फिर जबरदस्ती मुझे रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह के घर (मस्जिद) से दूर रखा है, जबकि आज मुझे करण नगर की गोल मस्जिद में एक उपदेश देना था। यह कितनी शर्म की बात है।”
इससे पहले, मीरवाइज उमर फारूक को शुक्रवार को श्रीनगर स्थित जामा मस्जिद में नमाज से रोके जाने आरोप लगाए थे। मीरवाइज ने इस स्थिति की तुलना इजराइल की ओर से रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे बंद करने जैसी कठोर कार्रवाई से की। उन्होंने लिखा कि जिस तरह इजराइल ने रमजान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे जबरदस्ती बंद कर दिए, वैसे ही एक हकीकत यहां भी देखने को मिल रही है।
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