Magraine Pain Risk महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले माइग्रेन का खतरा ज्यादा क्यों? जानिए क्या है वजह

Khabarwala 24 News New Delhi: Magraine Pain Risk आजकल लोगों में माइग्रेन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी परेशानी है, जिसमें सिर के एक भाग में भयंकर दर्द होता है और ऐसी स्थिति में सिर का प्रभावित भाग दिल की तरह तेज धड़कता है। इतना ही नहीं इसकी वजह से आंखें […]

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Khabarwala 24 News New Delhi: Magraine Pain Risk आजकल लोगों में माइग्रेन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी परेशानी है, जिसमें सिर के एक भाग में भयंकर दर्द होता है और ऐसी स्थिति में सिर का प्रभावित भाग दिल की तरह तेज धड़कता है। इतना ही नहीं इसकी वजह से आंखें खोल पाना तक मुश्किल होता है और कैसी भी रोशनी से चुभन महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में बहुत तेज सिर दर्द के साथ-साथ वोमिटिंग होना, तेज आवाज सहन न कर पाना जैसे लक्षण नजर आते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह दर्द 2 से 72 घंटे तक हो सकता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन की समस्या काफी ज्यादा देखने को मिलती है। चलिए जान लेते हैं क्या है इसके पीछे का कारण…

क्या होता है माइग्रेन ? (Magraine Pain Risk)

माइग्रेन एक तरह का गंभीर सिरदर्द है, जो सिर के एक साइड से शुरू होता है। माइग्रेन के सिरदर्द में वोमिटिंग और काफी ज्यादा चिड़चिड़ापन महसूस होता है।माइग्रेन एक आम सिरदर्द है और लगभग 15 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित है। माइग्रेन पीड़ितों की फैमिली में माइग्रेन का महत्वपूर्ण इतिहास होता है और पीरियड के दौरान ज्यादा बिगड़ सकता है। महिलाओं और पुरुषों का रेशियो एक से तीन गुना है।

ज्यादा किन्हें होती है परेशानी (Magraine Pain Risk)

यह शरीर के हार्मोन में बदलाव की वजह से होता है और जो महिलाएं हार्मोनल गोलियां लेती हैं या हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का यूज करती हैं, उनमें माइग्रेन का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। शरीर में एस्ट्रोजन नाम का हार्मोन माइग्रेन होने की वजह है।

सबसे ज्यादा महिलाओं में खतरा (Magraine Pain Risk)

दुनिया भर में माइग्रेन 18 से लेकर 49 साल की महिलाओं में ज्यादा होता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन की समस्या बार-बार होती है। माइग्रेन का डायग्नोसिस हमेशा क्लीनिकल होता है और इसके लिए एक अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह की जरूरत होती है और ज्यादा गंभीर मामलों में एमआरआई की भी जरूरत पड़ सकती है।

कैसे करें माइग्रेन की समस्या कम (Magraine Pain Risk)

माइग्रेन से दूर रहने के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसके अलावा जंक फूड्स और ऑयली फूड से दूरी बनाकर रखें। हेल्दी डाइट के साथ-साथ ज्यादा रोशनी या फिर तेज गाने सुनने से बचें और कम से कम 7-8 घंटे की भरपूर नींद लेनी चाहिए। माइग्रेन से बचाव के लिए रोजाना वर्कआउट और योग करें।

Disclaimer: उपरोक्त जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट की राय अवश्य ले लें।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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