तेलंगाना में झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक पर छापा, दवाएं जब्त

हैदराबाद, 8 फरवरी (khabarwala24)। तेलंगाना के ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन के अधिकारियों ने करीमनगर जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक पर छापा मारा और बिक्री के लिए अवैध रूप से रखी गई दवाएं जब्त कीं।शाहनवाज कासिम, महानिदेशक, ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन, ने रविवार को बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर अधिकारियों ने गंगाधारा मंडल के […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

हैदराबाद, 8 फरवरी (khabarwala24)। तेलंगाना के ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन के अधिकारियों ने करीमनगर जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक पर छापा मारा और बिक्री के लिए अवैध रूप से रखी गई दवाएं जब्त कीं।

शाहनवाज कासिम, महानिदेशक, ड्रग्स कंट्रोल प्रशासन, ने रविवार को बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर अधिकारियों ने गंगाधारा मंडल के गट्टुबुथकुर गांव स्थित हीमा बिंदु फर्स्ट एड सेंटर में झोलाछाप डॉक्टर के परिसर पर छापा मारा।

साई कृष्णा बिना उचित योग्यता के प्रैक्टिस कर रहा था। छापे के दौरान डीसीए अधिकारियों ने वहां 73 तरह की दवाएं पाईं, जिनमें 19 तरह की डॉक्टरों के सैंपल, एंटीबायोटिक, स्टेरॉयड, दर्द निवारक, ब्लड प्रेशर की दवाएं और अल्सर की दवाएं शामिल थीं। ये सभी दवाएं बिना लाइसेंस के रखी गई थीं।

छापे में क्लिनिक से सेफोटैक्सिम, सेफपोडॉक्सिम और सेफिक्सिम जैसे कई एंटीबायोटिक भी मिले। महानिदेशक ने कहा कि बिना योग्यता वाले लोगों द्वारा एंटीबायोटिक की खुलेआम बिक्री से जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।

शाहनवाज कासिम ने बताया कि झोलाछाप के क्लिनिक में स्टेरॉयड भी मिले। स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होना, हार्मोन असंतुलन, मांसपेशियों और हड्डियों की कमजोरी, हृदय संबंधी समस्याएं और मानसिक प्रभाव पड़ सकते हैं।

करीमनगर की ड्रग्स इंस्पेक्टर एस. उमरानी ने सहायक निदेशक के. दास की निगरानी में यह छापा मारा। डीसीए अधिकारियों ने जांच के लिए नमूने भी उठाए।

आगे की जांच की जाएगी और कानून के अनुसार सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

डीसीए ने चेतावनी दी है कि जो थोक विक्रेता/डीलर झोलाछापों, अन्य अयोग्य व्यक्तियों और बिना लाइसेंस वाली दुकानों को दवाएं सप्लाई करते हैं, उन पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अवैध सप्लाई नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

महानिदेशक ने कहा, “सभी थोक विक्रेताओं/डीलरों को अनिवार्य रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि दवाएं केवल उन्हीं संस्थानों को दी जाएं जिनके पास सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी ड्रग लाइसेंस हो। सप्लाई से पहले प्राप्तकर्ता संस्थानों के लाइसेंस की वैधता की जांच और रिकॉर्ड रखना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसा न करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

डीसीए दवाओं के भंडारण और बिक्री के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के अनुसार लाइसेंस जारी करता है।

बिना लाइसेंस के बिक्री के लिए दवाएं रखना ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत अपराध है, जिसमें पांच साल तक की सजा हो सकती है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News