जयपुर, 14 फरवरी (khabarwala24)। Sadhvi Prem Baisa जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने शनिवार को बताया कि कथावाचिका साध्वी प्रेम बाईसा का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ।जोधपुर पुलिस के अनुसार, मेडिकल बोर्ड की विस्तृत रिपोर्ट में साध्वी प्रेम बाईसा के निधन का मुख्य कारण फेफड़ों की गंभीर समस्या से उत्पन्न हृदय–फुफ्फुसीय अस्थिरता (कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट) बताया गया है।
क्या बोले पुलिस कमिश्नर (Sadhvi Prem Baisa )
पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने कहा कि जांच में पता चला कि कंपाउंडर देवी सिंह ने उपचार के दौरान मेडिकल प्रोटोकॉल की अवहेलना की, जो लापरवाही को दर्शाता है।
जहर के अवशेष नहीं पाए गए (Sadhvi Prem Baisa )
12 फरवरी को प्राप्त एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल बोर्ड ने निष्कर्ष निकाला कि साध्वी (Sadhvi Prem Baisa) का निधन फेफड़ों की बीमारी, जिसमें अस्थमा या सीओपीडी शामिल हैं, के कारण हृदय–फुफ्फुसीय अरेस्ट से हुए शॉक के कारण हुआ। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक परीक्षण में Sadhvi Prem Baisa शरीर में किसी भी प्रकार के जहर के अवशेष नहीं पाए गए। इसके अलावा, यौन शोषण या किसी बाहरी या आंतरिक चोट के कोई संकेत नहीं मिले।
विशेष जांच दल ने जुटाए थे साक्ष्य (Sadhvi Prem Baisa )
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल ने जांच के दौरान कई स्तरों पर साक्ष्य जुटाए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि साध्वी को दी गई कुछ दवाओं के प्रभाव पर ताजा मेडिकल बोर्ड की राय भी मांगी गई है।बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद कंपाउंडर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और राजस्थान मेडिकल एक्ट, 1952 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ गई थी तबीयत (Sadhvi Prem Baisa )
Sadhvi Prem Baisa की सेहत 28 जनवरी को उनके आरती नगर आश्रम, बोरणाड़ा, जोधपुर में बिगड़ गई थी। बताया गया कि उन्हें जुकाम और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, जिसके बाद कंपाउंडर देवी सिंह ने दो इंजेक्शन लगाए। इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई।
परिवार उन्हें पल रोड स्थित प्रेक्षा अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पिता वीरम नाथ शव को आश्रम वापस ले आए, जिसके बाद पुलिस हस्तक्षेप से शव को एमजीएच शव गृह में स्थानांतरित किया गया।
परिवार को सौंपा था शव (Sadhvi Prem Baisa )
29 जनवरी को पोस्टमार्टम किया गया और उसी शाम शव परिवार को सौंप दिया गया। 30 जनवरी को Sadhvi Prem Baisa को बाड़मेर जिले के पारियू गांव में अंतिम संस्कार किया गया।2 फरवरी को अंगों के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए। एफएसएल जांच 11 दिनों में पूरी हुई और रिपोर्ट गुरुवार को जोधपुर पुलिस को सौंप दी गई।
एफएसएल और पोस्टमार्टम निष्कर्षों के आधार पर विशेषज्ञ राय भी ली गई ताकि जांच को अंतिम रूप दिया जा सके।
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