यूएससीआईआरएफ की रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण, भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित देश: पीके सहगल

नई दिल्ली, 21 मार्च (khabarwala24)। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) की हालिया रिपोर्ट पर भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने समाचार एजेंसी khabarwala24 से बातचीत करते हुए अमेरिकी रिपोर्ट का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने […]

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नई दिल्ली, 21 मार्च (khabarwala24)। यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) की हालिया रिपोर्ट पर भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।

मेजर जनरल (रि.) पीके सहगल ने समाचार एजेंसी khabarwala24 से बातचीत करते हुए अमेरिकी रिपोर्ट का कड़ा विरोध जताया। उन्होंने रिपोर्ट को ‘बहुत बड़ी भूल’ करार दिया।

सहगल ने कहा, “असल में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां अल्पसंख्यकों का जीवन बांग्लादेश की तुलना में बहुत अच्छा है…आज भारत शांति, सुकून और सद्भाव का एक उदाहरण है।”

उन्होंने पड़ोसी देशों की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहा, “बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार कम हो रही है। पाकिस्तान में भी ऐसे ही हालात हैं। अमेरिका पहले इन जगहों और खुद अपने देश में हिंदुओं के मंदिरों और हिंदू समुदाय के लोगों के साथ क्या होता है, उसे देख ले। उसके बाद भारत पर ध्यान दे।”

उन्होंने कहा कि भारत विविधता का जीता-जागता उदाहरण है, जहां कई धर्म, भाषाएं और संस्कृतियां साथ-साथ फल-फूल रही हैं।

रक्षा विशेषज्ञ ने पिछले दशक का हवाला देते हुए दावा किया, “पिछले 10 सालों में देश के अंदर एक भी दंगा या सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई।” उन्होंने यूएससीआईआरएफ को सलाह दी कि रिपोर्ट तैयार करने से पहले तथ्यों की गहराई से जांच होनी चाहिए, न कि पूर्वाग्रह से प्रभावित होकर। सहगल ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं, जबकि पड़ोसी देशों में उनके साथ भेदभाव और हिंसा आम है।

यह बयान यूएससीआईआरएफ की 2026 वार्षिक रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट में 2025 में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, भेदभावपूर्ण कानून और सतर्कता हिंसा का जिक्र किया गया है। वहीं, भारतीय सरकार ने रिपोर्ट को ‘पक्षपातपूर्ण’ और ‘प्रेरित’ बताते हुए खारिज किया है।

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