क्यूबा में ब्लैकआउट पर अमेरिका का सख्त बयान, ट्रंप ने दिए कार्रवाई के संकेत

वॉशिंगटन, 17 मार्च (khabarwala24)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्यूबा में हुए देशव्यापी बिजली संकट के बाद वहां की सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने क्यूबा की आर्थिक व्यवस्था को “पूरी तरह असफल” बताते हुए बड़े राजनीतिक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।ओवल ऑफिस में आयरलैंड […]

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वॉशिंगटन, 17 मार्च (khabarwala24)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने क्यूबा में हुए देशव्यापी बिजली संकट के बाद वहां की सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने क्यूबा की आर्थिक व्यवस्था को “पूरी तरह असफल” बताते हुए बड़े राजनीतिक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

ओवल ऑफिस में आयरलैंड के प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका क्यूबा की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और जल्द ही इस पर कोई कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “क्यूबा इस समय बेहद खराब हालात में है। हम इस पर बहुत जल्द कुछ करने वाले हैं।”

वहीं, रूबियो ने क्यूबा की मौजूदा स्थिति को गहरे संरचनात्मक संकट का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था काम नहीं कर रही है और वहां की राजनीतिक व्यवस्था इसे सुधारने में सक्षम नहीं है। उनके मुताबिक, “उन्हें बड़े बदलाव की जरूरत है।”

रूबियो ने यह भी कहा कि क्यूबा की सरकार द्वारा हाल में घोषित उपाय इस संकट को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था दशकों तक बाहरी मदद खासकर सोवियत संघ और बाद में वेनेजुएला पर निर्भर रही, लेकिन अब यह समर्थन लगभग खत्म हो चुका है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।

उन्होंने क्यूबा के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा शासक इस संकट का समाधान नहीं जानते, इसलिए नए नेतृत्व की जरूरत है।

अमेरिकी नीति पर बोलते हुए रूबियो ने स्पष्ट किया कि क्यूबा पर लगा व्यापार प्रतिबंध (एम्बार्गो) तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक वहां राजनीतिक बदलाव नहीं होते।

दरअसल, क्यूबा में हाल ही में बिजली ग्रिड ठप हो जाने से देश के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया, जिससे वहां की ऊर्जा और आर्थिक संकट की गंभीरता उजागर हो गई है।

अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस स्थिति को क्यूबा की शासन व्यवस्था की विफलता से जोड़ा। अधिकारी ने कहा कि बार-बार होने वाले ब्लैकआउट इस बात का संकेत हैं कि सरकार अपने नागरिकों को बुनियादी सेवाएं तक उपलब्ध कराने में असमर्थ है।

अमेरिका का मानना है कि यह संकट केवल तकनीकी या इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या नहीं, बल्कि क्यूबा के व्यापक आर्थिक और राजनीतिक संकट का हिस्सा है।

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