हापुड़ देहात के गांव मंसूरपुर में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र से एक मरीज संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। मरीज के बेटे का कहना है कि उनके पिता दीवार फांदकर भागने की हालत में नहीं थे, फिर भी केंद्र संचालक ने यही बताया। परिवार ने केंद्र पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्या हुआ पूरा मामला?
बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र के मोहल्ला पलवलियान निवासी इरफान हसन को शराब की लत छुड़ाने के लिए उनके बेटे अयान हसन ने हापुड़ देहात के मंसूरपुर गांव में जीवन उदय नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। इरफान करीब छह महीने से यहां इलाज करा रहे थे। परिवार हर महीने तय शुल्क जमा करता था और हर महीने की पहली तारीख को मुलाकात होती थी।
1 दिसंबर को हुई आखिरी मुलाकात में इरफान हसन परेशान लग रहे थे। उन्होंने बेटे को कुछ बताना चाहा, लेकिन अकेले में बात करने का मौका नहीं मिला। अगली मुलाकात 1 जनवरी को होनी थी, लेकिन उससे एक दिन पहले यानी 31 दिसंबर की दोपहर को केंद्र संचालक जुबैर अहमद का फोन आया। उन्होंने बताया कि इरफान दीवार फांदकर भाग गए हैं।
परिवार का आरोप
अयान हसन का कहना है कि उनके पिता काफी कमजोर हैं और दीवार फांदने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें शक है कि मामला कुछ और हो सकता है। परिवार ने केंद्र संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
पुलिस क्या कर रही है?
मामले की शिकायत मिलने के बाद हापुड़ देहात पुलिस जांच में जुट गई है। एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने परिवार को पूरा मामला जांचने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल मरीज का कुछ पता नहीं चल सका है।
परिवार बेहद चिंतित है और जल्द से जल्द इरफान हसन के बारे में जानकारी की उम्मीद कर रहा है।
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