Khabarwala 24 News Hapur: Hapur दिल्ली रोड बिजलीघर के फीडर नंबर छह से जुड़े करीब 5700 बिजली कनेक्शनों का लोड दो अलग-अलग लाइनों पर बांटने के लिए रविवार को आवास विकास कॉलोनी में खंभे लगाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया और ऊर्जा निगम की टीम को काम रोककर वापस लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि पहले से ही कॉलोनी में दो हाईटेंशन लाइनें मौजूद हैं और तीसरी लाइन से हादसों का खतरा बढ़ जाएगा। इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है।
कार्य का उद्देश्य और योजना
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य बिजनेस प्लान के तहत स्वीकृत है। दिल्ली रोड बिजलीघर के फीडर नंबर छह से जुड़े मोती कॉलोनी, नवाजीपुरा, फूलगढ़ी, इंद्रगढ़ी, तगासराय को एक लाइन पर और आवास विकास व मजीदपुरा की गली नंबर दो से नौ तक को दूसरी लाइन पर जोड़ा जाना प्रस्तावित है। अभी तक ये सभी मोहल्ले एक ही लाइन पर निर्भर हैं, जिसके चलते बार-बार फॉल्ट की समस्या होती है। लोड को दो लाइनों में बांटने से बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और 5700 से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए आवास विकास में नए खंभे लगाए जा रहे थे।
स्थानीय लोगों का विरोध
रविवार शाम को जब ऊर्जा निगम की टीम आवास विकास में खंभे गाड़ने का काम कर रही थी, तभी वहां स्थानीय लोग जमा हो गए और विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने हंगामा करते हुए काम रुकवा दिया। उनका कहना था कि कॉलोनी के बीच से पहले ही दो हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, जिनके तार अक्सर टूटते रहते हैं और उनकी मरम्मत तक नहीं की जाती। अब तीसरी लाइन बनाए जाने से हादसों का खतरा और बढ़ जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि यह लाइन किसी अन्य मोहल्ले के लिए बनाई जा रही है, लेकिन इसे गलत तरीके से उनकी कॉलोनी से होकर ले जाया जा रहा है।
हंगामे में शामिल लोग
हंगामा करने वालों में हाजी नौशाद, हाजी इकबाल, कामरान, वसीम, नौशाद, हमजा, शाहिल खान, सादाब, आरिफ मलिक, हाजी अनवार, मोहम्मद जावेद, आरिफ कुरैशी, ताहिर, सलीम, सुनील, डॉ. आदिल, आजम खान, अबरार, लियाकत अली, सहित कई अन्य लोग शामिल थे। इनका कहना था कि वे किसी भी कीमत पर कॉलोनी में नए खंभे नहीं लगने देंगे। लोगों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पुरानी लाइनों की देखभाल नहीं की जाती, जिससे पहले से ही खतरा बना हुआ है।क्या
क्या कहते हैं ऊर्जा निगम के अधिकारी
इस मामले में दिल्ली रोड बिजलीघर के अवर अभियंता सत्यम ने बताया कि यह कार्य बिजनेस प्लान के तहत स्वीकृत है और इसका मकसद फीडर नंबर छह से जुड़े मोहल्लों में बिजली संकट को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि आवास विकास को इस योजना से सबसे अधिक लाभ होगा। सत्यम ने यह भी स्पष्ट किया कि यह 33 केवी की हाईटेंशन लाइन नहीं, बल्कि 11 केवी की लाइन है, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि 5700 से अधिक परिवारों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया जा रहा है और लोगों को इसे समझना चाहिए।









