Khabarwala 24 News Hapur: Hapur Newsदेश के ज्ञात एवं अज्ञात शहीदों की पावन स्मृति में नगर में आयोजित शहीद मेला के अंतर्गत शहीद पंडाल में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओजस्वी, हास्य और श्रृंगार रस की रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति की भावनाओं से ओत-प्रोत कविताओं पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
अक्षर-अक्षर उगलेगा बस देशप्रेम की परिभाषा (Hapur News)
कवि सम्मेलन का शुभारंभ वीर रस के प्रख्यात कवि मनोज चौहान ने अपनी प्रभावशाली रचना से किया। उन्होंने कहा, “कभी लेखनी नहीं लिखेगी चार्टुकारिता की परिभाषा, अक्षर-अक्षर उगलेगा बस देशप्रेम की परिभाषा।” उनकी प्रस्तुति ने पूरे पंडाल में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना दिया।

इसके बाद युवा वीर रस कवि डॉ. स्वदेश यादव ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को स्मरण करते हुए कहा, “बिना शहादत के आजादी कभी नहीं आ सकती थी और चरखे से अंग्रेजों की फौज नहीं जा सकती थी। जान हथेली पर रखकर जब वीरों ने हुंकार किया, आजादी की दुल्हन ने आना तब ही स्वीकार किया।” उनकी कविता पर श्रोताओं ने खूब सराहना की।
भारत के सम्मान में दे दी खुश हो ना (Hapur News)
श्रृंगार रस के सशक्त कवि मनोज वर्मा ने अपनी भावपूर्ण रचना “जिंदगी भर रहेगा ये मुझको गिला, तू मुझे ना मिली मैं तुझे ना मिला” सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया। वहीं हास्य कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता ने अपनी चुटीली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी पंक्तियां “घर, जमीन, दुकान भी दे दी खुश हो ना, भारत के सम्मान में दे दी खुश हो ना, स्वर्ग द्वार तक खड़े शहीद बस यह पूछें, लो हमने अपनी जान भी दे दी खुश हो ना” खूब सराही गईं।

सात लाख तब आजादी आई है (Hapur News)
मशहूर कवित्री डॉ. ज्योति उपाध्याय ने अपनी आध्यात्मिक एवं भावपूर्ण प्रस्तुति “श्रीराम पधारे हैं, घट-घट के वासी हैं, भगवान हमारे हैं, घट-घट के वासी हैं” से श्रद्धा का वातावरण निर्मित किया। वीर रस के प्रसिद्ध कवि अवनीत समर्थ ने शहीदों के बलिदान का स्मरण कराते हुए कहा, “इंच-इंच धरती की हमने कीमत बड़ी चुकाई है, छोटे-छोटे मासूमों की हमने चिता उठाई है। शीश दिए हैं सात लाख तब आजादी आई है।”
कवि वैभव शर्मा ने भी अपनी ओजपूर्ण रचना के माध्यम से भारत की स्वतंत्रता के लिए दिए गए बलिदानों को याद किया। कवि सम्मेलन का प्रभावी संचालन युवा वीर रस कवि विकास विजय सिंह त्यागी ने किया।

कवियों को किया सम्मानित (Hapur News)
कार्यक्रम के अंत में मेला समिति की ओर से सभी आमंत्रित कवियों को पटका ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। मेला समिति के अध्यक्ष ललित अग्रवाल (छावनी वाले) ने कहा कि देश हमेशा अपने शहीदों का ऋणी रहेगा और शहीद मेला इसी प्रकार ज्ञात एवं अज्ञात शहीदों की स्मृति में आयोजित होता रहेगा।
यह रहे मौजूद (Hapur News)
इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष ललित अग्रवाल छावनी वाले, महामंत्री मुकुल कुमार त्यागी एडवोकेट, कोषाध्यक्ष आशुतोष आजाद, लोकेश अग्रवाल, सोनू बंसल, मनोज जी, ज्ञानेंद्र त्यागी, चेतन प्रकाश अग्रवाल, योगेंद्र कुमार मुन्नू , उमेश उत्पल, मोहन तेजियान सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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