DRDO Lightest Bulletproof Jacket स्नाइपर की लगातार छह गोलियां भी झेल लेगी देश की यह सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट

Khabarwala 24 News New Delhi : DRDO Lightest Bulletproof Jacket रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक इकाई ने देश की सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है। जैकेट उच्चतम खतरे के स्तर 6 से सुरक्षा प्रदान करेगी। जैकेट में नई प्रक्रियाओं के साथ नवीन सामग्री का उपयोग किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने […]

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

Khabarwala 24 News New Delhi : DRDO Lightest Bulletproof Jacket रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक इकाई ने देश की सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है। जैकेट उच्चतम खतरे के स्तर 6 से सुरक्षा प्रदान करेगी। जैकेट में नई प्रक्रियाओं के साथ नवीन सामग्री का उपयोग किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि 7.62 X 54 आर एपीआई गोला बारूद के खिलाफ सुरक्षा के लिए देश में सबसे हल्का बुलेटप्रूफ जैकेट सफलतापूर्वक विकसित किया है।

कई हिट (छह शॉट) के खिलाफ मजबूत (DRDO Lightest Bulletproof Jacket)

हाल ही में टीबीआरएल, चंडीगढ़ में बुलेटप्रूफ जैकेट का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। जैकेट का फ्रंट हार्ड आर्मर पैनल (एचएपी) आईसीडब्ल्यू (इन-कंजक्शन) और स्टैंडअलोन डिजाइन दोनों में 7.62×54 आर एपीआई (स्नाइपर) के कई हिट (छह शॉट) के खिलाफ मजबूत है।

पहनने की क्षमता और आराम को बढ़ाता (DRDO Lightest Bulletproof Jacket)

बयान के अनुसार, एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किया गया फ्रंट एचएपी पॉलिमर बैकिंग के साथ एक मोनोलिथिक सिरेमिक प्लेट से बना है। ऑपरेशन के दौरान यह पहनने की क्षमता और आराम को बढ़ाता है। रक्षा विभाग के अनुसंधान एवं विकास सचिव और डीआरडीओ अध्यक्ष ने बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए बधाई दी है।

दो मिसइलों का किया सफल गया परीक्षण (DRDO Lightest Bulletproof Jacket)

हाल ही में डीआरडीओ ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्रूज मिसाइल (आईटीसीएम) और एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। इनकी लॉन्चिंग ओडिशा के तटीय क्षेत्र चांदीपुर से की गई।

मिशन में भारतीय वायुसेना ने भी मदद की (DRDO Lightest Bulletproof Jacket)

परीक्षण के दौरान सभी सिस्टम से प्रदर्शन किया। मिसाइल की निगरानी के लिए आईटीआर ने पूरे उड़ान मार्ग को विभिन्न रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम, टेलीमेट्री और कई रेंज सेंसर से लैस कर दिया था। मिशन में भारतीय वायुसेना ने भी सहायता की। सुखोई एसू-30 एमके-1 से भी पूरे उड़ान की निगरानी की गई थी।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

Related News

Breaking News