नई दिल्ली, 30 जनवरी (khabarwala24)। नए यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अनुराग ठाकुर, प्रतुल शाह देव और शाइना एनसी ने अपने पक्ष रखे हैं।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मुद्दे पर भरोसा जताते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि न्याय की स्वाभाविक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मौजूदा माहौल में जो डर और गलतफहमियां फैली हैं, उन्हें दूर करने के लिए जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि जनता में पैदा हुए आक्रोश को शांत किया जा सके और इस स्थिति का समाधान निकाला जा सके।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का जिक्र करते हुए khabarwala24 से बताया कि जैसे ही याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका दायर की, कोर्ट ने तुरंत नोटिस जारी किया और अगले ही दिन सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का निर्देश दिया है, जो उन प्रावधानों की समीक्षा करेगी, जो आपत्तिजनक लगते हैं। जरूरत पड़ने पर उन धाराओं को फिर से तैयार किया जाएगा।
बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि सरकार अपना काम करती है और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे मामलों में समय लगता है और जल्दबाजी में कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
वहीं, शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार ने मनमाने तरीके से कोई कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि ‘समान अवसर केंद्र’ का मकसद शिकायतों का समाधान करना और समावेशिता को बढ़ावा देना था। साथ ही, जिस ‘समानता समिति’ का सुप्रीम कोर्ट ने उल्लेख किया है, उसके जरिए पहली बार महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका और नए अवसर मिले हैं।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।










