नई दिल्ली, 28 फरवरी (khabarwala24)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत की अनदेखी भारी पड़ सकती है। हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) ऐसी ही एक समस्या है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। कई बार जब तक इसका पता चलता है, तब तक दिल, किडनी या दिमाग प्रभावित हो चुके होते हैं। यही वजह है कि इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है।
असल में हाइपरटेंशन के पीछे एक ही कारण नहीं होता, बल्कि कई छोटे-छोटे कारण मिलकर इसे बढ़ावा देते हैं। सबसे आम कारण है बढ़ता हुआ वजन। जब शरीर में चर्बी ज्यादा जमा हो जाती है तो दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है।
दूसरा बड़ा कारण है खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल। हम रोजाना जो प्रोसेस्ड फूड, पैकेट वाले स्नैक्स या बाहर का खाना खाते हैं, उसमें नमक की मात्रा काफी ज्यादा होती है। ज्यादा सोडियम शरीर में पानी रोकता है, जिससे ब्लड वॉल्यूम बढ़ता है और दबाव भी बढ़ जाता है।
इसके अलावा धूम्रपान और शराब का सेवन भी हाई बीपी के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन नसों को सिकोड़ देता है, जिससे खून का प्रवाह प्रभावित होता है और दबाव बढ़ जाता है। वहीं शराब का ज्यादा सेवन दिल की धड़कन और रक्तचाप दोनों को असंतुलित कर सकता है।
परिवारिक इतिहास भी एक बहुत बड़ा कारण है। अगर आपके माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों को हाई ब्लड प्रेशर रहा है, तो आपको थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
हालांकि सही जीवनशैली अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, जैसे तेज चलना, योग या साइकलिंग दिल को मजबूत बनाती है और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद करती है। खानपान में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और कम नमक वाला भोजन शामिल करना फायदेमंद होता है। साथ ही तनाव को कम करना भी बहुत जरूरी है।
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