मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल बड़वानी में होगी ‘कृषि कैबिनेट’, 17 विभागों का समन्वय

भोपाल/बड़वानी, 1 मार्च (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर घोषणा की कि सोमवार को बड़वानी जिले में प्रदेश अपनी पहली एग्रीकल्चर कैबिनेट बुलाएगा, जो किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत एक ऐतिहासिक पहल होगी।इस मीटिंग का मकसद नई पॉलिसी और मिलकर किए गए काम से किसानों की खुशहाली, […]

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भोपाल/बड़वानी, 1 मार्च (khabarwala24)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने एक्स हैंडल पर घोषणा की कि सोमवार को बड़वानी जिले में प्रदेश अपनी पहली एग्रीकल्चर कैबिनेट बुलाएगा, जो किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत एक ऐतिहासिक पहल होगी।

इस मीटिंग का मकसद नई पॉलिसी और मिलकर किए गए काम से किसानों की खुशहाली, आत्मनिर्भरता और पूरे गांव का विकास करना है। अपनी पोस्ट में सीएम मोहन यादव ने कहा कि साल 2026 में ‘किसानों की भलाई’ को समर्पित, किसानों की खुशहाली पक्का करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरूरी काम और इनोवेशन किए जा रहे हैं। इस बारे में राज्य की पहली ‘एग्रीकल्चर कैबिनेट’ सोमवार को बड़वानी में होगी। मीटिंग में राज्य के विकास और लोगों की भलाई से जुड़े खास मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें किसानों की भलाई भी शामिल है और जरूरी फैसले भी लिए जाएंगे।

यह अनोखा कैबिनेट फॉर्मेट 17 विभागों को एक साथ लाता है, जिसमें एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, एनिमल हसबैंड्री, फिशरीज, कोऑपरेटिव्स और इंडस्ट्री शामिल हैं, ताकि एक पूरा, साल भर चलने वाला रोडमैप बनाया जा सके। इसका फोकस पूरी एग्रीकल्चरल वैल्यू चेन पर है, प्रोडक्शन और प्रोसेसिंग से लेकर मार्केटिंग, रोजगार पैदा करने और एंटरप्रेन्योरशिप तक।

बड़वानी जैसे आदिवासी-बहुल इलाके में सेशन करके, सरकार फैसले लेने के अधिकार को डीसेंट्रलाइज करना चाहती है, नीति को जमीनी किसानों के करीब लाना चाहती है और इलाके की खास चुनौतियों का हल करना चाहती है।

बड़वानी, जो केले, कपास और दूसरी फसलों की ज्यादा पैदावार के लिए जाना जाता है, ज्यादातर आदिवासी इलाका है जहां खेती ही मुख्य रोजी-रोटी है। जगह का चुनाव राज्य के सबको साथ लेकर चलने वाले विकास, आदिवासी किसानों को मजबूत बनाने और पारंपरिक तरीकों को मॉडर्न तकनीकों के साथ जोड़ने पर जोर देने के हिसाब से है।

कैबिनेट मीटिंग नागलवाड़ी गांव में हो रही है, जो होली से पहले के समय और आदिवासी त्योहार भगोरिया के जबरदस्त माहौल के साथ हो रही है, जिससे इसका सांस्कृतिक महत्व और बढ़ जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि किसानों को होली बोनान्जा की उम्मीद हो सकती है, जिसमें बोनस, सब्सिडी, सिंचाई बढ़ाने, नेचुरल खेती को बढ़ावा देने, प्राइस सपोर्ट और मार्केट लिंकेज पर संभावित घोषणाएं हो सकती हैं।

यह सीएम मोहन यादव की पिछली घोषणाओं के बाद आया है, जिसमें 2025 में इंडस्ट्री और रोजगार पर ध्यान देने के बाद 2026 को कृषि का साल माना गया था। यह पहल एक खास कृषि कैबिनेट के कॉन्सेप्ट को फिर से शुरू करती है, लेकिन इसे राज्य की राजधानी के बाहर और आदिवासी इलाकों में स्थापित करके कुछ नया करती है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि इस तरह की पहुंच से डेयरी, सोलर सिंचाई, बागवानी और किसान-उत्पादक संगठनों के लिए योजनाओं में तेजी आएगी, जिसका मकसद खेती की ज़्यादा ग्रोथ और परेशानी कम करना है।

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