Sanjeev Jeeva Murder:मुख्तार के शूटर के हत्याकांड की जांच मैनपुरी जेल तक पहुंची

Sanjeev Jeeva Murder Khabarwala24News Lucknow: मुख्‍तार अंसारी के शूटर संजीव माहेश्वरी जीवा के हत्याकाण्ड की जांच का दायरा नये तथ्य मिलने से बढ़ता जा रहा है। इस संगीन हत्याकांड की जांच की आंच मैनपुरी जेल तक पहुंच गई है। आपको बता दें कि इस जेल में काफी समय तक संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा बंद रहा […]

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Sanjeev Jeeva Murder Khabarwala24News Lucknow: मुख्‍तार अंसारी के शूटर संजीव माहेश्वरी जीवा के हत्याकाण्ड की जांच का दायरा नये तथ्य मिलने से बढ़ता जा रहा है। इस संगीन हत्याकांड की जांच की आंच मैनपुरी जेल तक पहुंच गई है। आपको बता दें कि इस जेल में काफी समय तक संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा बंद रहा है।

 मुलाकाती रजिस्टर का पूरा ब्योरा मंगवाया गया

मैनपुरी जेल में बंद रहने के दौरान संजीव जीवा से मिलने वालों का ब्योरा भी पुलिस ने मंगवाया है। इसके लिए मुलाकाती रजिस्टर का पूरा ब्योरा मंगवाया गया है। बताया गया कि पुलिस अफसरों को पता चला है कि जीवा से मिलने उस समय एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख एक पूर्व सांसद और पूर्व विधायक को लेकर गया था। फिर ये लोग जीवा से मिलने लखनऊ जेल में भी गए थे। कुछ और तथ्य मिलने के बाद जांच अधिकारी इन लोगों को भी पूछताछ के लिये बुला सकते हैं।

जीवा ने 2014 में बना लिया था अलग गैंग

जीवा हत्याकांड की पड़ताल में सामने आया है कि मुख्तार गिरोह के लिये लम्बे समय तक काम करने के बाद जीवा ने अपना अलग गैंग भी बनाना शुरू कर दिया था। उसने कई युवाओं के साथ एक फौज खड़ी कर ली थी। वर्ष 2014 में उसका एक नया गैंग जुर्म की दुनिया में दस्तक दे चुका था। इसके बाद ही मुख्तार के विरोधी उसे अपने साथ मिलाने की होड़ में आ गये थे। इसको देखते हुये जीवा ने टेंडर मैनेज करना और जमीन पर कब्जा करवाना शुरू कर दिया था।

रूतबा बढ़ने के साथ बन गए कई दुश्मन

कुछ गिरोहों को जीवा का अपना गैंग बनाना रास नहीं आ रहा था। इसके लिये ही कई माफिया व बाहुबली नेताओं ने उससे सम्पर्क करना शुरू दिया था। यह दौर तब था जब वह मैनपुरी जेल में था। इसके बाद जब वह लखनऊ जेल ट्रांसफर हुआ तो उसने लखनऊ, बाराबंकी, हरिद्वार, समेत कई जगह पर अपना रुतबा बढ़ाना शुरू कर दिया था। इस दौरान ही उसके कई दुश्मन बन गये थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार जीवा के नये गिरोह में कई धुरंधर थे। उस समय एक शूटर राकेश पाण्डेय ने भी जीवा का हाथ थामा था। हालांकि कुछ समय बाद एसटीएफ ने राकेश पाण्डेय को सरोजनीनगर में मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इस समय उसके साथ दो और लोग साथ आये।

कई मुकदमों में बरी हो चुका था संजीव जीवा

पुलिस के अनुसार , संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पर दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए। इनमें से 17 मुकदमों में संजीव जीवा बरी हो चुका था, जबकि उसकी गैंग में 35 से ज्यादा सदस्य हैं। वहीं, संजीव पर जेल से भी गैंग ऑपरेट करने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में मुजफ्फरनगर और शामली में उसकी संपत्ति भी प्रशासन ने कुर्क की थी।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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