अल फलाह यूनिवर्सिटी का चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड

नई दिल्ली, 5 फरवरी (khabarwala24)। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

नई दिल्ली, 5 फरवरी (khabarwala24)। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था।

इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है।

ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News