खाना खाते समय फोन चलाना छोड़ें, Blood Sugar और वजन पर पड़ता है बुरा असर

Khabarwala 24 News Blood Sugar: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में खाना खाते समय फोन चलाना आम हो गया है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। फोन के इस्तेमाल से न केवल ध्यान भटकता है, बल्कि यह ब्लड शुगर बढ़ने और वजन बढ़ने का प्रमुख […]

-Advertisement-
Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now
-Advertisement-

Khabarwala 24 News Blood Sugar: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में खाना खाते समय फोन चलाना आम हो गया है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। फोन के इस्तेमाल से न केवल ध्यान भटकता है, बल्कि यह ब्लड शुगर बढ़ने और वजन बढ़ने का प्रमुख कारण भी बन सकता है।

खाना खाते समय फोन चलाने से खाने की मात्रा पर नहीं रहता ध्यान 

फोन (Mobile) पर व्यस्त रहने से लोग अपने खाने की मात्रा और पोषण पर ध्यान नहीं दे पाते। इससे अक्सर लोग प्रोसेस्ड या कम पौष्टिक भोजन का सेवन कर लेते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को तेजी से बढ़ाता है। बार-बार ऐसा करने से इंसुलिन रेसिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब लोग खाने पर पूरा ध्यान नहीं देते, तो वे भूख के संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे ओवरईटिंग की समस्या बढ़ती है, जिससे वजन बढ़ने लगता है। वजन का अनियंत्रित बढ़ना मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है।

खाने का प्रकार और मात्रा प्रभावित करता है ब्लड शुगर 

खाने का प्रकार और उसकी मात्रा शुगर लेवल (Blood Sugar Level) को सीधे प्रभावित करती है। प्रोसेस्ड और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जैसे सफेद ब्रेड, पास्ता, और शक्कर युक्त पेय, तेजी से पचते हैं और ब्लड शुगर को जल्दी बढ़ाते हैं।

कोल्ड ड्रिंक बनाम रोटी-दाल 

लिक्विड कार्बोहाइड्रेट, जैसे कोल्ड ड्रिंक, ठोस भोजन (जैसे रोटी या दाल) की तुलना में तेजी से शुगर में बदलते हैं। वहीं, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे साबुत अनाज और हरी सब्जियां, धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर (Blood Sugar) को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

माइंडफुल ईटिंग से करें Blood Sugar और वजन पर नियंत्रण 

माइंडफुल ईटिंग (Mindful Eating) एक ऐसी तकनीक है, जिसमें व्यक्ति खाने के हर निवाले पर ध्यान देता है—वह क्या खा रहा है, कितना खा रहा है, और कब उसका पेट भर गया। यह आदत ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक है।

नियमित व्यायाम भी ब्लड शुगर (Blood Sugar) को ऊर्जा के रूप में उपयोग करने में मदद करता है। इससे शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं, जिससे शुगर आसानी से कोशिकाओं में पहुंचती है और रक्त में जमा नहीं होती।

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। Khabarwala24 News की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

spot_img
Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Breaking News