Hapur विधायक विजयपाल आढ़ती की पहल पर मेरठ की राह हुई आसान, चार दशक माग हुई पूरी, 30 किलो मीटर कम हो जाएगा मेरठ का सफर

Khabarwala 24 News Hapur: Hapur चार दशक की मांग के बाद असरा गांव के पास काली नदी पर पुल बनाने की हजारों लोगों की मांग पूरी होनोे वाली है। विधायक सदर विजयपाल आढ़ती की पहल पर अब यह मांग धरातल उतरने वाली है। शासन ने इसकी स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही 20 करोड़ रुपये […]

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Khabarwala 24 News Hapur: Hapur चार दशक की मांग के बाद असरा गांव के पास काली नदी पर पुल बनाने की हजारों लोगों की मांग पूरी होनोे वाली है। विधायक सदर विजयपाल आढ़ती की पहल पर अब यह मांग धरातल उतरने वाली है। शासन ने इसकी स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही 20 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए हैं। इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी की सेतु विंग को सौंपा गया है।

इसके बन जाने से हापुड़ के लोगों का मेरठ में किठौर पहुंचना आसाना हो जाएगा। अभी तक ग्रामीणों को इसके लिए 40 किमी की दूरी तय करके दूसरे मार्गों से होकर जाना पड़ता था। इससे जिले के 40 गांव से ज्यादा के लोगों को लाभ मिलेगा। सदर विधायक विजयपाल आढ़ती इस पुल के निर्माण की मांग को लेकर कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके थे।

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क्या है पूरा मामला (Hapur)

बाबूगढ़-वझीलपुर क्षेत्र में हापुड़ और मेरठ जिले की सीमा काली नदी है। हापुड़ में असरा गांव के पास से काली नदी को पार करके सीधे मेरठ जिले के किठौर कस्बे में पहुंच जाते हैं। यहां पर काली नदी को पार करते ही मेरठ जिले की सीमा आरंभ हो जाती है। आजकल काली नदी की चौड़ाई करीब सौ मीटर हो गई है। पहले ग्रामीण यहां पर लकड़ी व पीपे आदि का पुल बनाकर पार उतरते थे।

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नदी की गहराई और चौड़ाई ज्यादा होने के चलते इससे बड़ा खतरा होता था। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर कई बार हादसे हो चुके हैं। ऐसे में लोग काली नदी पर पुल बनाने की मांग करते आ रहे थे। करीब 50 साल पहले हापुड़ तहसील होती थी और यह मेरठ जिले का ही भाग था। तब से ही यहां पर पुल बनाने की मांग चल रही है। उसके बाद गाजियाबाद जिला बनने के बाद हापुड़ उसमें चला गया और 2011 में अलग जिला बन गया, लेकिन पुल बनवाने की मांग यथावत जारी रही।

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हाईवे पर वाहनों का दवाब हो जाएगा कम (Hapur)

अभी तक मेरठ के किठौर के वाहनों को हापुड़ आने के लिए वाया गढ़ हाईवे का प्रयोग करना पड़ता है। इसी प्रकार बाबूगड़् क्षेत्र के वाहनों को गढ़मुक्तेश्वर-सिंभावली होकर मेरठ जाना पड़ता है। इस पुल के बन जाने से क्षेत्र के दोयमी, धनौरा, वझीलपुर, असरा, मुरादपुर, आगापुर आदि 40 से ज्यादा गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।

वहीं इनको मेरठ जाने के लिए फिर हाईवे से होकर गढ़ या कैली मार्ग का प्रयोग भी नहीं करना पड़ेगा। इससे वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। दरअसल काली नदी के दोनों ओर ज्यादातर गांव एक ही जाति के लोगों के हैं। ऐसे में उनकी आपस में रिश्तेदारियां हैं, लेकिन आवागमन में परेशानी होतती है। अब उनका सफर सुहाना हो जाएगा।

क्या कहते हैं विधायक सदर (Hapur)

इस पुल की मांग काफी समय से चली आ रही थी। यह लोगों के आवागमन को मूलभूत जरूरत था। इसके लिए वह भी लगातार प्रयासरत थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इन पुल का निर्माण कराने की मांग की गई थी। अब प्रदेश में चार पुल के निर्माण की स्वीकृति शासन ने दी है। इसमें से एक पुल हमको मिल गया है। इसके लिए शासन ने 20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसका लाभ जिले के हजारों लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस पुल के निर्माण का आश्वासन दिया था, जोकि उन्होंने पूरा कर दिया है। इसके लिए वह उनका आभार व्यक्त करते हैं। – विजयपाल आढ़ती- विधायक-सदर।

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Hapur विधायक विजयपाल आढ़ती की पहल पर मेरठ की राह हुई आसान, चार दशक माग हुई पूरी, 30 किलो मीटर कम हो जाएगा मेरठ का सफर

Hapur विधायक विजयपाल आढ़ती की पहल पर मेरठ की राह हुई आसान, चार दशक माग हुई पूरी, 30 किलो मीटर कम हो जाएगा मेरठ का सफर

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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