Benefits of Silk Eye Surgery चश्मे को आप कह सकेंगे टाटा, न चीरा और न टांका और आंखों की रोशनी लौट आएगी 5 मिनट में

Khabarwala 24 News New Delhi : Benefits of Silk Eye Surgeryआजकल लाइफस्टाइल इतनी ज्यादा व्यस्त हो चुकी है कि ज्यादातर वक्त स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप पर बीतता है और इसका असर आंखों पर सबसे ज्यादा पड़ता है। इससे आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है। ऐसे में हर कोई चश्मा लगाने की सलाह देता है। […]

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Khabarwala 24 News New Delhi : Benefits of Silk Eye Surgeryआजकल लाइफस्टाइल इतनी ज्यादा व्यस्त हो चुकी है कि ज्यादातर वक्त स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप पर बीतता है और इसका असर आंखों पर सबसे ज्यादा पड़ता है।

इससे आंखों की रोशनी कमजोर हो जाती है। ऐसे में हर कोई चश्मा लगाने की सलाह देता है। अगर चश्मा लगाने में परेशानी होती है तो कॉन्टैक्ट लेंस का ऑप्शन सुझाया जाता है, लेकिन हम जिस सर्जरी के बारे में बता रहे हैं, उससे महज पांच मिनट में आपकी आंखों की रोशनी ठीक हो जाएगी। जिसमें न तो कोई चीरा लगाया जाएगा और न ही कोई टांका लगेगा।

सिल्क आई सर्जरी स्टडी प्रकाशित (Benefits of Silk Eye Surgery)

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) में सिल्क आई सर्जरी को लेकर एक स्टडी प्रकाशित हुई थी। इसमें बताया गया था कि इस सर्जरी में सेकेंड जेनरेशन फेम्टोसेकेंड लेजर टेक्निक यूज की जाती है। इस सर्जरी के माध्यम से कॉर्निया को दोबारा नया आकार दिया जाता है, जो एकदम सटीक होता है।

खास बात यह है कि इस सर्जरी में किसी भी तरह का चीरा नहीं लगाया जाता है। वहीं, सिर्फ पांच मिनट में पूरी सर्जरी हो जाती है। इस सर्जरी का नाम सिल्क आई सर्जरी (SILK Eye Surgery) है, जो इस वक्त सुर्खियों में है।

पांच मिनट में हो जाती है सर्जरी (Benefits of Silk Eye Surgery)

जानकारी के मुताबिक, हम आपको ऐसी सर्जरी के बारे में बता रहे हैं, उस सर्जरी को अंजाम देने से पहले मरीज की आंखें टेस्ट की जाती हैं। इसके बाद आंखों को सुन्न करने वाली आई ड्रॉप इस्तेमाल की जाती है। सर्जर फेमटोसेकेंड लेजर का इस्तेमाल करते हैं और कॉर्निया में बेहद छोटा चीरा लगाते हैं।

इसके बाद कॉर्निया में लेंटीकुल बनाया जाता है। डॉक्टरों की मानें तो इस दौरान एक आंख को लेजर करने में सिर्फ 10 से 15 सेकेंड लगते हैं। सिर्फ पांच मिनट की सर्जरी से ही आपकी आंखों की रोशनी बेहतर हो जाएगी।

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी (Benefits of Silk Eye Surgery)

सिल्क आई सर्जरी कराने के लिए मरीज की उम्र कम से कम 22 साल होनी चहिए। यह सर्जरी डायबिटिक मरीजों को नहीं करानी चाहिए। वहीं, गर्भवती और बच्चों को फीड कराने वाली महिलाओं को भी परहेज करने की जरूरत होती है। खास बात यह है कि इस सर्जरी से मायोपिया के मरीजों को काफी ज्यादा फायदा होता है।

इस सर्जरी को कराने से पहले आई टेस्ट जरूर कराएं। इसके अलावा डॉक्टर को अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए। इस सर्जरी को कराने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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Sandeep Kumar
Sandeep Kumarhttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sandeep Kumar है। मैं एक अनुभवी कंटेंट राइटर हूं और पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूं। अभी मैं Khabarwala24 News में कई अलग-अलग कैटेगरी जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थ, ट्रैवल, एजुकेशन और ऑटोमोबाइल्स पर कंटेंट लिख रहा हूं। मेरी कोशिश रहती है कि मैं अपने शब्दों के ज़रिए लोगों को सही, सटीक और दिलचस्प जानकारी दे सकूं।

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