Khabarwala24 News: देश की खाद्य सुरक्षा संस्था FSSAI ने नामचीन मसाला ब्रांड्स एवरेस्ट (Everest) और लालजी गोधू (Laljee Godhoo) के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री पर पूरे देश में तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। लैब जांच में दोनों कंपनियों की हींग गुणवत्ता के तय मानकों पर फेल पाई गई हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल हींग उत्पादों पर लागू है, जबकि अन्य मसालों पर कोई रोक नहीं है।
एक उपभोक्ता की शिकायत से शुरू हुई जांच की आंच (FSSAI Hing Ban)
बाजार में मिलने वाले हींग ब्रांड्स पर यह बड़ी कार्रवाई एक ग्राहक की शिकायत के बाद शुरू हुई। शिकायतकर्ता ने हींग की शुद्धता और गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सतर्कता बरतते हुए देश के सभी बड़े हींग ब्रांड्स के सैंपल्स की लैब टेस्टिंग कराने का फैसला किया।
शुरुआती जांच रिपोर्ट में ही एवरेस्ट और लालजी गोधू की हींग संदेहास्पद पाई गई। इसके तुरंत बाद FSSAI की सेंट्रल टीमों ने मुंबई स्थित दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली प्रोसेसिंग यूनिट्स पर छापेमारी कर नए सैंपल जुटाए। इसके अलावा गुजरात के उम्बरगांव में स्थित एवरेस्ट की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर भी राज्य खाद्य विभाग के साथ मिलकर सैंपलिंग की गई। जब इन सभी सैंपल्स की विस्तृत जांच हुई, तो उत्पाद बेहद घटिया क्वालिटी के निकले।
मानकों से 30 से 40 फीसदी कम मिला असली हींग
खाद्य मानकों के अनुसार, ‘कम्पाउंडेड हींग’ तैयार करने के लिए असली हींग के साथ गोंद, स्टार्च और आटे का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसमें कम से कम 5 प्रतिशत ‘अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट’ (Alcohol Soluble Extract) का होना अनिवार्य है, जो हींग की असली मात्रा और उसकी शुद्धता को दर्शाता है।
FSSAI की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों कंपनियों के सैंपल्स में यह जरूरी मात्रा महज 0 से 3 फीसदी ही पाई गई। इसका सीधा मतलब यह था कि हींग में असली घटक तय पैमाने से करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम मिलाया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं को हींग के नाम पर केवल आटा और गोंद परोसा जा रहा था।
लालजी गोधू की असली हींग में मिला कई गुना ज्यादा स्टार्च
कम्पाउंडेड हींग के अलावा, FSSAI ने लालजी गोधू की प्रोसेसिंग यूनिट से ‘असली हींग’ (Pure Asafoetida) की 6 अलग-अलग किस्मों के सैंपल भी लिए थे। खाद्य सुरक्षा नियमों के मुताबिक, असली हींग में स्टार्च की मात्रा 1 प्रतिशत से ज्यादा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
हालांकि, लैब रिपोर्ट देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। लालजी गोधू की इन सभी 6 किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से लेकर 32 प्रतिशत तक पाई गई, जो कानूनी रूप से निर्धारित सीमा से कई गुना ज्यादा थी।
The Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) has taken regulatory enforcement action under the Food Safety and Standards Act, 2006, issuing Prohibition Orders against M/s Everest Food Products Private Limited and M/s Laljee Godhoo and Company #FSSAINotice #FSSAIAction pic.twitter.com/afIwTFCuHb
— FSSAI (@fssaiindia) August 29, 2026
गर्म मसाले और चिकन मसाले सुरक्षित, हींग बाजार से वापस मंगाने के निर्देश
FSSAI ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ हींग तक सीमित है। एवरेस्ट के अन्य लोकप्रिय प्रॉडक्ट्स जैसे कि गरम मसाला, चिकन करी मसाला या अंडा करी मसाला पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए FSSAI ने दोनों कंपनियों पर देशव्यापी बिक्री प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही दोनों ब्रांड्स को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि वे गुणवत्ता में सुधार के लिए क्या कदम उठाने वाले हैं। प्राधिकरण ने कंपनियों को बाजार में पहले से सप्लाई हो चुकी घटिया हींग के स्टॉक को खुद ही वापस (Recall) मंगाने की सख्त सलाह दी है।
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