Khabarwala24 Meerut News: श्रावण कांवड़ यात्रा में लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार और मेरठ जिला प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्था को हाईटेक बना दिया है। पहली बार कांवड़ मार्गों पर 18 बाइक एंबुलेंस उतारी गई हैं, जो भीड़भाड़ और संकरे रास्तों में भी कुछ ही मिनटों में कांवड़ियों तक पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रही हैं।
गंभीर स्थिति होने पर तत्काल बड़े अस्पताल तक रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक चिकित्सा प्रबंधन तैयार किया है।
छह प्रमुख रूटों पर तैनात हैं 18 बाइक एंबुलेंस (Meerut News)
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सकौती से मोहिउद्दीनपुर तक 6 बाइक एंबुलेंस तैनात की गई हैं। सलावा झाल से सिवालखास पुल तक 4 बाइक एंबुलेंस सेवाएं दे रही हैं। दयावती मोदी एकेडमी से बेगमपुल, बेगमपुल से परतापुर, बेगमपुल से लोहिया नगर सब्जी मंडी तथा हापुड़ अड्डा से माछरा रोड तक 2-2 बाइक एंबुलेंस लगातार गश्त कर रही हैं। इनका उद्देश्य किसी भी बीमार या घायल कांवड़िए तक सबसे पहले पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना है।
भीड़ में भी मिनटों में पहुंच रही राहत (Meerut News)
कांवड़ यात्रा के दौरान कई स्थानों पर भारी भीड़ और यातायात प्रतिबंध के कारण सामान्य एंबुलेंस का पहुंचना कठिन हो जाता है। ऐसे में बाइक एंबुलेंस सबसे प्रभावी साबित हो रही हैं। प्रत्येक बाइक पर प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध हैं। सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार देती है और जरूरत पड़ने पर मरीज को एंबुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करती है।
32 हेल्थ कैंप और 25 निजी अस्पताल भी तैयार (Meerut News)
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर 32 हेल्थ कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित चिकित्सक, दवाइयां, वैक्सीन कैरियर और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिले के 25 निजी अस्पतालों में भी बेड आरक्षित किए है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों को तुरंत बेहतर उपचार मिल सके। एंटी स्नेक वेनम, डॉग बाइट इंजेक्शन समेत सभी जरूरी दवाइयों की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पावर मार्ग पर पड़ने वाले हर सीएचसी को दो से तीन चिकित्सा शिविर लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
कंट्रोल रूम से हो रही पल-पल की निगरानी (Meerut News)
स्वास्थ्य विभाग की अलग टीम जिला कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी कर रही है। हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही संबंधित बाइक एंबुलेंस और स्वास्थ्य टीम को तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है। इसके लिए सभी वाहनों में ईंधन और आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। योगी सरकार के निर्देशों और जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह की निगरानी में तैयार की गई यह स्वास्थ्य व्यवस्था कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। तेज, सुलभ और त्वरित चिकित्सा सुविधा के कारण बाइक एंबुलेंस कांवड़ियों के लिए सबसे भरोसेमंद सहारा साबित हो रही हैं।
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