Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News रेलवे ट्रैक के आसपास बरती गई महज एक छोटी सी लापरवाही ने रविवार सुबह एक हँसते-खेलते परिवार की खुशियों को हमेशा-हमेशा के लिए चिराग बुझा दिया। थाना देहात क्षेत्र के अंतर्गत चैनपुरी रेलवे फाटक के पास पिलर संख्या 60/5 के निकट दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ कानों में इयरफोन लगाकर ट्रैक के पास बैठे 33 वर्षीय युवक की तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला (Hapur News )
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अयोध्यापुरी निवासी प्रदीप सैनी (33) पुत्र स्व. प्रेम सिंह रविवार सुबह रोज की तरह घर से निकला था। चैनपुरी रेलवे ट्रैक के पास पिलर संख्या 60/5 के निकट वह ट्रैक के किनारे बैठकर मोबाइल पर गाने सुन रहा था और उसके कानों में इयरफोन लगे हुए थे। इयरफोन की वजह से उसे पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रेन की सीटी और आहट बिल्कुल भी सुनाई नहीं दी। देखते ही देखते ट्रेन उसे रौंदती हुई निकल गई। हादसा इतना भयावह था कि प्रदीप ने घटनास्थल पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।

पुलिस ने जांच की शुरू (Hapur News )
आसपास मौजूद लोगों ने जब शव को देखा तो क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर थाना देहात प्रभारी पारस मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला इयरफोन लगे होने के कारण ट्रेन की चपेट में आने का ही प्रतीत हो रहा है, फिर भी पुलिस हर पहलू से मामले की जाँच कर रही है।
चींटियों को आटा डालने की आदत बनी जीवन का अंतिम सफर (Hapur News )
परिजनों ने रोते-बिलखते हुए बताया कि प्रदीप की वर्षों से धार्मिक दिनचर्या थी। वह रोजाना सुबह घर से निकलकर चैनपुरी रेलवे फाटक के पास चींटियों को आटा डालने जाया करता था। रविवार की सुबह भी वह इसी नेक और धार्मिक कार्य के लिए घर से निकला था। परिवार वालों को जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि रोज का यह पुण्य कार्य उसके जीवन का अंतिम सफर बन जाएगा।
पिता और भाई के बाद अब प्रदीप का साया भी उठा (Hapur News )
प्रदीप के परिवार पर दुखों का पहाड़ कोई पहली बार नहीं टूटा है। स्वजनों के अनुसार, लगभग 30 वर्ष पूर्व उसके पिता प्रेम सिंह की भी एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद करीब 12 वर्ष पहले उसके बड़े भाई अशोक की बीमारी के चलते अकाल मृत्यु हो गई थी। अब परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य प्रदीप की असमय मौत ने पूरे परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। प्रदीप पेशे से ज्वेलरी बॉक्स बनाने का काम करता था और अपनी माँ सावित्री, दो भाइयों कृष्ण व दिनेश के साथ रहता था।
परिजन का रो रोकर बुरा हाल (Hapur News )
करीब 12 वर्ष पूर्व मेरठ के तिरंगा गेट निवासी रेखा से प्रदीप का विवाह हुआ था। उसकी दो मासूम बेटियां—शिवांशी (11 वर्ष) और ओझल (6 वर्ष) हैं। पिता के क्षत-विक्षत शव को देखकर दोनों मासूम बेटियां बेसुध हो गईं, वहीं पत्नी और वृद्ध माँ का रो-रोकर बुरा हाल था। इस हृदयविदारक घटना से पूरे अयोध्यापुरी मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।
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