Khabarwala24 Hapur News: हापुड़ जिले में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और वे आए दिन ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला हापुड़ के थाना देहात क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव श्यामपुर से सामने आया है। यहाँ साइबर ठगों ने एक युवक को सरकारी योजना का लाभ दिलाने और ई-केवाईसी (E-KYC) कराने का झांसा देकर उसके बैंक खाते से करीब 10 हजार रुपये की रकम पार कर दी।
इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए गांव की ही सरकारी राशन डीलर महिला के नाम और उनकी मौजूदगी का इस्तेमाल किया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
आईसीसीडीएस अधिकारी बनकर आया फोन (Hapur News)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्यामपुर गांव के रहने वाले अंकुर शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते 17 मई को दोपहर करीब दो बजे उनके मोबाइल पर एक कॉन्फ्रेंस कॉल आई थी। इस कॉल पर उनके ही गांव की राशन वितरण करने वाली महिला अनीता शर्मा भी जुड़ी हुई थीं। फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को आईसीसीडीएस (ICDS) विभाग का एक बड़ा अधिकारी बताया। उसने अंकुर से कहा कि उन्हें हर महीने मिलने वाले सरकारी राशन और बच्चे के डिलीवरी चार्ज से जुड़ी कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, तभी उन्हें आगे का लाभ मिल पाएगा।
राशन डीलर के कहने पर बढ़ा भरोसा (Hapur News)
ठग ने अंकुर को जाल में फंसाने के लिए कहा कि सरकारी लाभ को चालू रखने के लिए तुरंत ई-केवाईसी करानी होगी। इसके बदले में उसने अंकुर से कुछ पैसों की और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारियां मांगी। अंकुर को शुरुआत में ही इस बातचीत पर कुछ संदेह हुआ, जिसके कारण उसने अपनी बैंक डिटेल देने से साफ मना कर दिया।
जब अंकुर ने जानकारी देने से इनकार किया, तो कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ी गांव की राशन वितरक अनीता शर्मा ने उसे भरोसा दिलाया। अनीता ने अंकुर से कहा कि फोन पर बात कर रहा व्यक्ति सचमुच उनका अधिकारी है और उसे मांगी गई जानकारियां दे देनी चाहिए। राशन डीलर की बात सुनने के बाद अंकुर का भरोसा थोड़ा बढ़ गया, लेकिन फिर भी उसने अपनी बैंक डिटेल साझा नहीं की।
फॉर्म खोलते ही इंस्टॉल हो गया फर्जी ऐप (Hapur News)
जब ठग को सीधे बैंक डिटेल नहीं मिली, तो उसने नया रास्ता निकाला। उसने अंकुर के व्हाट्सएप (WhatsApp) पर एक फॉर्म भेजा और उसे भरने के लिए कहा। अंकुर ने सजगता दिखाते हुए उस फॉर्म को भरने से भी मना कर दिया। हालांकि, जैसे ही उसने उस फॉर्म को देखने के लिए खोला, उसके मोबाइल फोन में अचानक एक अनजान एप्लीकेशन अपने आप इंस्टॉल हो गई। अंदेशा है कि यह कोई रिमोट एक्सेस या फ्रॉड ऐप था, जिसकी मदद से साइबर अपराधियों ने अंकुर के मोबाइल और उसकी बैंकिंग गतिविधियों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया।
यूपीआई पेमेंट करते ही कट गए पैसे (Hapur News)
अंकुर शर्मा ने बताया कि इस घटना के लगभग तीन घंटे बाद उन्होंने अपने मोबाइल फोन से एक सामान्य यूपीआई (UPI) भुगतान किया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने का मैसेज आया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। उनके खाते से करीब 10 हजार रुपये गायब हो चुके थे। संदेश मिलते ही उन्हें समझ आ गया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके तुरंत बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत दी।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट (Hapur News)
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना देहात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित अंकुर की तहरीर के आधार पर गांव की राशन वितरक अनीता शर्मा और एक अज्ञात फोन कॉल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी, व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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