पटना, 17 मार्च (khabarwala24)। बिहार में राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने सभी पांचों सीटों पर विजय प्राप्त की है। माना जा रहा है कि महागठबंधन के चार विधायकों के वोट नहीं डालने के कारण एनडीए के पांचवें प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित हो सकी। वोट नहीं डालने वाले विधायकों में कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक शामिल बताए जाते हैं।
वोट नहीं डालने वाले कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने उम्मीदवार के चयन को लेकर सवाल उठाया है। कुशवाहा ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डालने के कारणों का खुलासा किया है।
उन्होंने लिखा, “एक सीट का मौका था महागठबंधन के पास, तो दीपक यादव से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था? वह भी नहीं, तो मुकेश सहनी को ही, लेकिन उन्हें मौका ना देकर ऐसे वर्ग के व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया गया जिसका जनाधार महागठबंधन के खिलाफ है। मैं एनडीए का साथ नहीं दे सकता हूं, और राजद ने उम्मीदवार गलत चुना, तो मैंने वोट न देना ही बेहतर समझा।”
उन्होंने यह भी कहा कि रही बात मुझ पर आरोप लगाने की, तो मुख्यमंत्री के सबसे चहेते सीट पर हमने पूरे सरकारी तंत्र को हराकर विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और जनता के आशीर्वाद का कर्ज पूरे बिहार में सबसे तेज गति से विकास कार्यों द्वारा चुकता कर रहा हूं, तो विरोधी जब बराबरी नहीं कर पाएगा तो बदनाम ही करेगा।
इधर, वोट नहीं देने वाले कांग्रेस के एक अन्य विधायक मनोज विश्वास कहते हैं कि जब हमारे नेता को ही सम्मान नहीं दिया जाएगा तो वोट देने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में आप लोग स्वतंत्र हैं, वोटिंग कीजिए या नहीं कीजिए। इसके बाद हम लोगों ने निर्णय लिया। हमारे नेता को उम्मीदवार चयन में पूछा तक नहीं गया।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन गलत हुआ था, इसलिए उन्होंने मतदान नहीं किया। हम लोग पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
–khabarwala24
एमएनपी/एसके
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