फिल्म ‘आन’ ने रखी थी भारत और फ्रांस के सिनेमाई रिश्तों की नींव, दिलीप कुमार के फैन हो गए थे फ्रेंच

मुंबई, 18 फरवरी (khabarwala24)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने और द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए भारत दौरे पर हैं। इस दौरान राष्ट्रपति मैक्रोन और उनके प्रतिनिधिमंडल ने बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी और अनिल कपूर समेत सिनेमा के कई दिग्गजों से बात की है, जहां […]

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मुंबई, 18 फरवरी (khabarwala24)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने और द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए भारत दौरे पर हैं। इस दौरान राष्ट्रपति मैक्रोन और उनके प्रतिनिधिमंडल ने बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी और अनिल कपूर समेत सिनेमा के कई दिग्गजों से बात की है, जहां भारत और फ्रांस के बीच सिनेमाई और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने की बात हुई।

दोनों देशों के बीच सिनेमा फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने के विषयों पर भी विशेष चर्चा हुई। अभिनेता मनोज बाजपेयी और अनिल कपूर ने भी राष्ट्रपति मैक्रों और उनके प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की बात की और फोटोज भी शेयर की। अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि दोनों देशों के मजबूत होते सिनेमाई रिश्ते और भविष्य में फ्रांस और भारत के बीच की कहानियों के आदान-प्रदान को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

फ्रांस और भारत का सांस्कृतिक और सिनेमाई रिश्ता बहुत पुराना है, और बहुत कम लोग ही इस बात को जानते हैं कि दोनों के बीच पहला सिनेमाई और सांस्कृतिक संबंध कब हुआ था। फ्रांस और भारत के सिनेमाई और सांस्कृतिक संबंध की शुरुआत 1952 में हुई, जब पहली बार भारत की फिल्मों के लिए वैश्विक बाजारों के दरवाजे खुले थे।

साल 1952 में फिल्म ‘आन’ रिलीज हुई। जिसमें दिलीप कुमार, शमशेर सिंह, मुराद महाराज, और राजश्री सहित नादिरा ने अपनी अदाकारी से सबका दिल जीत लिया था। फिल्म को भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज किया गया। यह फिल्म देश में सिर्फ हिंदी भाषा में रिलीज नहीं हुई, बल्कि तेलुगू भाषा में भी फिल्म को दक्षिण भारत में रिलीज किया गया।

‘आन’ भारत की पहली फिल्म थी, जिसे टेक्नीकलर फिल्म कहा गया। टेक्नीकलर एक प्रक्रिया है जिसमें फिल्म को शूट करने में ‘थ्री-स्ट्रिप’ कैमरा तकनीक का इस्तेमाल किया गया। आन 1952 में आई फिल्म रंगीन फिल्म थी और यही कारण था कि फिल्म को बनाने में मेकर्स ने खूब सारा पैसा बहाया था। फिल्म का बजट 35 लाख था और फिल्म ने देशभर में 1.5 करोड़ की कमाई की और विश्व भर में 3.5 करोड़ रुपए कमाए।

‘आन’ फिल्म की वजह से ही फ्रांस और भारत के सांस्कृतिक और सिनेमाई रिश्ते मजबूत हुए थे क्योंकि आन पहली फिल्म थी, जिसे वैश्विक स्तर पर 28 देशों में रिलीज किया गया, जिसमें फ्रांस भी शामिल था। ‘आन’ को फ्रांस में खूब पसंद किया गया और दिलीप कुमार की पर्सनैलिटी और चुलबुलेपन ने महिलाओं को दीवाना बना दिया था। दोनों देशों के वैश्विक बाजार ‘आन’ ने खोले और फिर बाकी फिल्मों को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने में मदद मिली।

बाजारों में भारतीय फिल्मों की डिमांड बढ़ी और रिश्ते को और मजबूत करते हुए भारत की फिल्मों की शूटिंग भी फ्रांस में होने लगी। साल 1952 से दोनों देशों के बीच शुरू हुआ सिनेमाई और सांस्कृतिक रिश्ता आज नए आयाम पर पहुंच चुका है। अब दोनों देश एक दूसरे की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कहानियों पर भी फोकस करेंगे।

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