खबरवाला 24 न्यूज:
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में एम्बुलेंस का किराया देने में असमर्थ एक व्यक्ति अपनी मां का शव कंधे पर लादकर अस्पताल से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव के लिए पैदल ही निकल पड़ा । हालांकि, रास्ते में एक सामाजिक संगठन के सदस्यों ने इस व्यक्ति को वाहन मुहैया कराया, जिसने उसे मुफ्त में जिले के क्रांति ब्लॉक स्थित उसके घर पहुंचाया।
एंबुलेंस का किराया देने के लिए नहीं थे तीन हजार रुपये
राम प्रसाद दीवान बताते हैं कि उसकी 72 वर्षीय मां को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत थी और वह उन्हें बुधवार को जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गया था। अगले दिन उसकी मां की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि हमें अस्पताल पहुंचाने वाली एम्बुलेंस ने 900 रुपये किराया लिया था। लेकिन, बाद में एम्बुलेंस वाले ने शव घर ले पहुंचाने के लिए 3,000 रुपये मांगे। इतने पैसे उनके पास नहीं थे।
बुजुर्ग पिता के साथ शव लेकर चल पड़ा
दीवान के मुताबिक, उसने अपनी मां का शव एक लादर में लपेटा, अपने कंधे पर लादा और पैदल ही घर की तरफ चल पड़ा। इस दौरान उसके बुजुर्ग पिता भी उसके साथ थे। अस्पताल के अधीक्षक ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा अगर उन्हें पता होता तो हम उनके लिए एक शव वाहन की व्यवस्था कर सकते थे। हम ऐसा नियमित रूप से करते हैं। परिवार के सदस्यों को शायद इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने उनसे संपर्क नहीं किया। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को इस बारे में जानकारी हो। हालांकि, जिला एम्बुलेंस संघ ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि रेल और सड़क हादसों के दौरान उसके सदस्य भी मुफ्त सेवा उपलब्ध कराते हैं।


