Khabarwala 24 News Hapur: शहर की छज्जूमल धर्मशाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन भक्तिभाव और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कथा वाचक परम पूजनीय आरती वाजपेई ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने गीता के उस महत्वपूर्ण प्रसंग पर प्रकाश डाला, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन के मोह और शोक को दूर करते हुए आत्मा के अमरत्व का दिव्य ज्ञान प्रदान करते हैं।
आत्मा न तो जन्म लेती है और न ही मरती है(Hapur)
कथा वाचक ने बताया कि आत्मा न तो जन्म लेती है और न ही मरती है, बल्कि यह शाश्वत और अविनाशी है। शरीर को उन्होंने एक वस्त्र के समान बताया, जिसे आत्मा समय-समय पर बदलती रहती है। उन्होंने कर्मयोग के सिद्धांत को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि मनुष्य को कर्म-फल की आसक्ति से मुक्त होकर समत्व बुद्धि से अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। यही जीवन का वास्तविक मार्ग है, जो मनुष्य को शांति और मोक्ष की ओर ले जाता है।
कथा का रसपान किया (Hapur)
कथा के दौरान यजमान के रूप में पंडित अरविंद शर्मा सर्राफ उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णकांत गुप्ता, अंकुश ट्विंकल सर्राफ, वैभव गुप्ता, आयुष अरविंद शर्मा, सचिन गुप्ता, सुलभ गोयल सहित अनेक श्रद्धालु कथा का रसपान करते नजर आए।
यह रहे मौजूद (Hapur)
कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी सहभागिता की। सदर विधायक विजयपाल आढती, क्षेत्रीय महामंत्री भारतीय जनता पार्टी विकास अग्रवाल, जिला अध्यक्ष हापुड़ कविता माधरे, पूर्व विधायक मोहन सिंह, जयप्रकाश जी, अमित शर्मा, नानक चंद शर्मा, जयप्रकाश वर्मा और राहुल त्यागी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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