वाशिंगटन, 6 फरवरी (khabarwala24)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंपआरएक्सडॉटजीओवी नाम की एक नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दर्जनों प्रिस्क्रिप्शन दवाओं पर भारी छूट देने का विश्वास दिलाती है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास में दवाओं की कीमतों में सबसे बड़ी कमी बताया।
ट्रंप के मुताबिक इससे अमेरिकी निवासियों को काफी लाभ पहुंचेगा। उन्होंने इसे ‘वेरी बिग डील’ करार दिया। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने दावा किया, “लोग बहुत सारा पैसा बचाएंगे और हेल्दी रहेंगे।” उन्होंने कहा कि उपभोक्ता इस साइट का इस्तेमाल करके फार्मेसियों में रिडीम किए जा सकने वाले कूपन के जरिए प्रिस्क्रिप्शन ड्रग्स पर डिस्काउंट वाली कीमतों का फायदा उठा सकते हैं।
यह योजना चुनावी वादों और ‘अमेरिका फर्स्ट’ हेल्थ पॉलिसी से जुड़ी है। ट्रंप का कहना है कि दूसरे अमीर देश अमेरिका में बनी दवाइयां कम कीमत पर खरीदते हैं, जबकि अमेरिकियों को इसके लिए तिगुना ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। यह प्रोग्राम सुनिश्चित करेगा कि दवा कंपनियां उसी दाम पर दवा बेचें जो बाकी देशों में मिल रही है।
ट्रंप ने इसे लॉन्च करते हुए कहा कि यह पहल “मोस्ट फेवर्ड नेशन” प्राइसिंग मॉडल लागू करती है, जिसके तहत यूनाइटेड स्टेट्स उसी दवा के लिए किसी भी दूसरे देश द्वारा दी जाने वाली सबसे कम कीमत का भुगतान करेगा। उन्होंने कहा, “हम दवाओं के लिए दी जाने वाली सबसे कम कीमत ले रहे हैं, हम दुनिया में कहीं भी सबसे कम कीमत के बराबर भुगतान करेंगे।” “यही वह कीमत है जो आपको चुकानी होगी।”
उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिकी लंबे समय से दूसरे देशों के मरीजों की तुलना में दवाओं के लिए ज्यादा पैसे दे रहे हैं। ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी असल में पूरी दुनिया के लिए दवाओं की लागत पर सब्सिडी दे रहे थे, और अब ऐसा नहीं होगा।”
राष्ट्रपति के अनुसार, दुनिया की 17 सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों में से 16 ने प्राइसिंग फ्रेमवर्क के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, और बाकी कंपनी के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा कि समझौतों के तहत यूनाइटेड स्टेट्स में पेश की जाने वाली नई दवाओं को भी उसी सबसे कम ग्लोबल कीमत पर देना होगा।
ट्रंप ने प्राइसिंग समझौतों को टैरिफ के इस्तेमाल से जोड़ा और कहा कि उन्होंने दूसरे देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे यूनाइटेड स्टेट्स के लिए कीमतें कम करने पर सहमत नहीं हुए तो विदेशों में दवाओं की कीमतें बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा, “ऐसा करने से दूसरे देशों में दवाओं की कीमतें बढ़ जाएंगी।उन्हें सहमत होना पड़ा, और उनके सहमत होने का कारण मेरी टैरिफ नीति रही।”
सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के एडमिनिस्ट्रेटर मेहमत ओज ने कहा कि उपभोक्ताओं को अब सीधी छूट मिलेगी। ओज ने कहा, “आज, आप इन छूट वाली कीमतों का फायदा उठा सकते हैं।” उन्होंने अमेरिकियों से दवाएं खरीदने से पहले साइट को ठीक से जांचने का आग्रह किया। ओज ने कहा, “हर तीन में से एक अमेरिकी को दवा की दुकान से वापस भेज दिया जाता है; वे दवाएं नहीं खरीद सकते। अब ऐसा नहीं होगा।”
यूएस के चीफ डिजाइन ऑफिसर जो गेब्बिया ने इस साइट की बारीकियां समझाईं। उन्होंने कहा कि यह साइट 40 से अधिक दवाओं के साथ लॉन्च हुई है, और इसमें नियमित तौर पर दवाएं जोड़ी जाती रहेंगी।
एक फैक्ट शीट में, व्हाइट हाउस ने कहा कि इस साइट में शुरू में एस्ट्राजेनेका, एली लिली, ईएमडीसेरेनो, नोवो नॉर्डिस्क और फाइजर की रियायती दवाएं शामिल हैं, और उम्मीद है कि और भी मैन्युफैक्चरर्स इसमें शामिल होंगे। यह साइट दवा और मैन्युफैक्चरर के आधार पर प्रिंटेबल या डिजिटल कूपन के जरिए एक्सेस देती है।
ट्रम्प ने 12 मई, 2025 को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें एजेंसियों को सबसे पसंदीदा राष्ट्र मूल्य निर्धारण का पालन करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद दवा कंपनियों को पत्र भेजे गए और सितंबर 2025 से कई मूल्य निर्धारण समझौतों की घोषणा की गई। 15 जनवरी, 2026 को, ट्रंप ने कांग्रेस से “द ग्रेट हेल्थकेयर प्लान” नामक योजना को लागू करने का भी आह्वान किया। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक ये प्लान पारदर्शिता के लिहाज से जरूरी है।
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