दूध और छुहारा: शरीर की कमजोरी दूर करने वाला आयुर्वेदिक पॉवर कॉम्बो

नई दिल्ली, 14 जनवरी (khabarwala24)। सही समय पर खाना न लेना, नींद पूरी न होना और लगातार तनाव शरीर को अंदर से खोखला कर देता है, जिस वजह से आज ज्यादातर लोग थकान, कमजोरी और कम इम्युनिटी की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में लोग महंगे सप्लीमेंट और एनर्जी ड्रिंक्स की तरफ भागते हैं, लेकिन […]

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नई दिल्ली, 14 जनवरी (khabarwala24)। सही समय पर खाना न लेना, नींद पूरी न होना और लगातार तनाव शरीर को अंदर से खोखला कर देता है, जिस वजह से आज ज्यादातर लोग थकान, कमजोरी और कम इम्युनिटी की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में लोग महंगे सप्लीमेंट और एनर्जी ड्रिंक्स की तरफ भागते हैं, लेकिन आयुर्वेद हमें एक बहुत ही आसान, सस्ता और भरोसेमंद उपाय बताता है जो सदियों से शरीर को ताकत देने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

आयुर्वेद में दूध और छुहारे के मेल को बल्य कहा गया है, यानी ऐसा आहार जो शरीर को बल देता है और जीवन शक्ति बढ़ाता है। छुहारा स्वाद में मीठा और तासीर में गर्म होता है, जबकि दूध ठंडा, पोषण से भरपूर और शांत करने वाला होता है। जब इन दोनों को साथ में उबाला जाता है, तो यह शरीर की कमजोरी को दूर करने वाला एक शक्तिशाली मिश्रण बन जाता है, जो सातों धातुओं को पोषण देता है।

इस पॉवर कॉम्बो का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह थकान को दूर करता है और शरीर में नई ऊर्जा भरता है। दुबले-पतले लोगों के लिए यह वजन बढ़ाने में मददगार है। जिनकी इम्युनिटी कमजोर रहती है या जो बार-बार बीमार पड़ जाते हैं, उनके लिए दूध-छुहारा किसी टॉनिक से कम नहीं। पुरुषों में यह स्टैमिना और शक्ति बढ़ाने में सहायक माना जाता है, जबकि महिलाओं में कमजोरी और खून की कमी यानी एनीमिया में लाभ देता है।

सर्दियों में इसका सेवन और भी ज्यादा फायदेमंद होता है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखता है, जोड़ों की जकड़न और दर्द में राहत देता है और सूखी खांसी जैसी समस्याओं से बचाव करता है। इतना ही नहीं, नियमित सेवन से नींद अच्छी आती है, मानसिक थकान कम होती है और मूड भी बेहतर रहता है। त्वचा के लिए भी यह नुस्खा लाभकारी है, जिससे रूखापन कम होता है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है।

इसे बनाना भी बेहद आसान है। 3 से 4 छुहारों के बीज निकालकर उन्हें एक गिलास दूध में डालें और धीमी आंच पर उबालें। जब दूध आधा रह जाए और छुहारे नरम हो जाएं, तब इसे रात को सोने से पहले गुनगुना पिएं और छुहारे चबाकर खाएं।

हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

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