पटना, 29 दिसंबर (khabarwala24)। बिहार में सतर्कता विभाग का अभियान जारी है। सतर्कता विभाग की बार-बार की कार्रवाई के बावजूद भ्रष्ट अधिकारियों को लगातार पकड़ने का काम किया जा रहा है।
ऐसे ही एक मामले में सहरसा स्थित बिक्री कर विभाग के एक चपरासी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में हड़कंप का माहौल है।
गिरफ्तार चपरासी की पहचान शंकर कुमार के रूप में हुई है, जिसे 75,000 रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
सतर्कता दल ने सदर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एसपी कार्यालय के पास राज्य कर आयुक्त कार्यालय के नजदीक यह कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक स्थानीय व्यापारी की शिकायत के बाद की गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया था और इस मामले को सुलझाने के लिए 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी।
बातचीत के बाद, रिश्वत की राशि कथित तौर पर 75,000 रुपए पर तय की गई।
सतर्कता विभाग के पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि राज्य कर अधिकारी की ओर से रिश्वत की मांग की जा रही थी और चपरासी शंकर कुमार के माध्यम से रिश्वत ली जा रही थी।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, सतर्कता दल ने जाल बिछाकर चपरासी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जब्त की गई नकदी बरामद कर ली गई है और कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
यह घटना एक बार फिर सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार और बिहार में इस तरह की प्रथाओं को रोकने के लिए सतर्कता विभाग के निरंतर प्रयासों को उजागर करती है।
इससे पहले, 23 दिसंबर को सिवान जिले में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को भी 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान कन्हैया कुमार सिंह के रूप में हुई, जो सिवान पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
-khabarwala24
एमएस/एबीएम
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