इस्लामाबाद, 7 फरवरी (khabarwala24)। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में नमाज के वक्त हुए धमाके में कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इमामबाड़ा खदीजा अल-कुबरा में हुए खतरनाक आत्मघाती बम धमाके के पीछे की घटनाओं का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संदिग्ध हमलावर की पहचान पेशावर के रहने वाले के तौर पर की है।
अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध ने कथित तौर पर अफगानिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लिया था। पाकिस्तानी मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि हमलावर की पहचान यासिर खान यासिर के तौर पर हुई है। वह पाकिस्तान लौटने से पहले करीब पांच महीने तक अफगानिस्तान में रहा था।
जांच अधिकारी संदिग्ध और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और कोई आखिरी नतीजा नहीं निकला है।
पाकिस्तानी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यासिर खान, जो कथित तौर पर सलाफी विचारधारा से प्रभावित था, माना जाता है कि उसने बॉर्डर पार रहने के दौरान मिलिटेंट ट्रेनिंग ली थी।
सूत्रों ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया, “उसने अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी कुनार प्रांत में मंसूर इस्तशहादी ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ली थी और कई बार देश की यात्रा की थी।”
अधिकारियों ने कहा कि वे उस बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं जिसने हमले में मदद की हो। इसमें संभावित हैंडलर, लॉजिस्टिक सपोर्टर और किसी भी घरेलू या बॉर्डर पार लिंक की पहचान करना शामिल है जिसने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने भी पुष्टि की है कि सुसाइड बॉम्बर की पहचान हो गई है। यह जानकारी उसके शरीर के बचे हुए हिस्सों के फोरेंसिक विश्लेषण से मिली है।
उन्होंने कहा, “वह अफगान नागरिक नहीं है, लेकिन उसके शरीर के बाकी हिस्सों की फोरेंसिक जांच से यह जानकारी मिली है कि वह कितनी बार अफगानिस्तान गया था।”
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में हुए धमाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 169 अन्य घायल हो गए।
चश्मदीदों ने बताया कि धमाके से कुछ देर पहले गोलियों की आवाज सुनी गई थी, जिसके बाद सुसाइड बॉम्बर ने मस्जिद में जमा हुए नमाजियों की भीड़ के बीच खुद को उड़ा दिया।
राजधानी भर के अस्पतालों ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल घोषित कर दिए हैं और बचाव दल घायलों को मेडिकल सुविधाओं में ले जा रहे हैं, जिनमें से कई पीड़ितों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पाकिस्तान ने हमले के लिए बाहरी ताकतों पर उंगली उठाने में देर नहीं लगाई, लेकिन पाकिस्तान के मासूम लोगों को बार-बार अपने देश में पैदा हुए आतंकवाद का बोझ उठाना पड़ा है।
इस हमले की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी आलोचना की है और कई लोगों ने इस घटना की पूरी जांच की मांग की। डिप्लोमैटिक सूत्रों ने बताया कि हालांकि इस स्थिति से तुरंत तनाव नहीं बढ़ा है, लेकिन यह साउथ एशिया में नाजुक सुरक्षा माहौल को दिखाता है।
भारत ने भी इस्लामाबाद में शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्हें अपनी अंदरूनी चुनौतियों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
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