Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News हापुड़ के गढ़ रोड स्थित जरौठी में स्थित इन्द्रप्रस्थ इन्स्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन एण्ड मैनेजमेन्ट में ‘अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं प्रबंध समिति के पदाधिकारियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। संगोष्ठी में शिक्षाविदों और वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और वर्तमान तकनीकी दौर में डिजिटल साक्षरता की उपयोगिता पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
मोबाइल को ज्ञान अर्जन का साधन बनाएं, समय बर्बाद न करें: प्रबंध समिति (Hapur News)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंध समिति के पदाधिकारी दीपक बाबू ने कहा कि व्यक्ति जन्म से ही सीखने की प्रक्रिया से जुड़ जाता है। प्राचीन काल में अज्ञानता और निरक्षरता के कारण लोग पीढ़ी-दर-पीढ़ी साहूकारी प्रथा के शोषण का शिकार होते थे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मोबाइल का उपयोग ज्ञान अर्जित करने के साधन के रूप में करें, इसे समय बर्बाद करने का जरिया न बनाएं।
प्रबंध समिति के पदाधिकारी डॉ. विकास अग्रवाल ने कहा कि बदलते समय के साथ डिजिटल रूप से साक्षर होना बेहद आवश्यक है। राष्ट्र की वास्तविक प्रगति और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का शिक्षित होना अनिवार्य है। वहीं, डॉ. विपिन गुप्ता ने कहा कि शिक्षित और जागरूक नागरिक ही एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित समाज का निर्माण करते हैं। इस तकनीकी युग में डिजिटल साक्षरता ही सशक्तिकरण का मुख्य माध्यम है।
एक साक्षर व्यक्ति संवारता है पूरे परिवार का भविष्य: प्रो. जगबीर सिंह (Hapur News)
संस्थान के निदेशक प्रो. जगबीर सिंह ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साक्षरता किसी भी राष्ट्र या समाज की वास्तविक पहचान होती है। एक साक्षर व्यक्ति केवल स्वयं का ही नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की नींव रखता है। इस दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी छात्र-छात्राओं के साथ साझा किए। विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह ने साक्षरता दिवस के ऐतिहासिक संदर्भ की जानकारी देते हुए कहा कि एक व्यक्ति को साक्षर करने का सीधा अर्थ एक पूरे परिवार के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है।
शिक्षकों ने साक्षरता के विविध आयामों और कानूनी प्रावधानों पर डाला प्रकाश (Hapur News)
मंच का सफल संचालन करते हुए श्रीमती रश्मि ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा के प्रति जागरूक बनाना है, क्योंकि साक्षर समाज ही सशक्त भारत की नींव है। प्राध्यापक लोकेश कुमार ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को उसके अधिकारों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाती है।
प्राध्यापक अवधेश त्यागी ने साक्षरता को मानव जीवन के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया, जबकि प्राध्यापक विशाल शर्मा ने शिक्षा से संबंधित संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में दिव्या सिद्धू ने साक्षरता विषय पर स्वरचित काव्य पाठ किया। वहीं, मोहम्मद शारिक अली और सभा गुंजन ने संयुक्त रूप से विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साक्षरता विचारों के आदान-प्रदान का वह सुंदर आयाम है, जिससे समाज का हर वर्ग संतुष्ट होता है।
कार्यक्रम में ये गणमान्य लोग रहे मौजूद (Hapur News)
इस गरिमामयी संगोष्ठी में लोकेश कुमार, अवधेश त्यागी, शारिक अली, रश्मि, पिंकी सिंह, अंजू चौधरी, रेनू खुराना, प्रेरणा सिंह, अर्पित, संदीप शर्मा, डॉ. संजीव भारद्वाज, मंगलसैन गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, ऋतिका त्यागी, तमन्ना खानम, विशाल शर्मा, डॉ. राजवीर कुमार, रोजी, शोभा, संदीप वर्मा, मयंक त्यागी एवं दिव्या सिद्धू सहित संस्थान का समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।










