Khabarwala 24 News Hapur: Hapur News सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्यों ने राज्य कर विभाग के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिसमें पुराने आभूषण की खरीद एवं रिपेयर कार्य पर जीएसटी समाप्त करने, कम बिक्री की स्थिति में छोटे व्यापारियों को उत्पीड़न बंद करने, बड़ी कंपनियों पर भी समान एवं सख्त निगरानी रखने, सोने के बिस्कुल और बार पर प्रभारी नियंत्रण कराने समेत सात मांगों को जोरशोर से रखा गया।
राष्ट्र हित में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा सर्राफा व्यापारी (Hapur News)
बुधवार को सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य राज्य कर विभाग के कार्यालय में पहुंचे। जहां उन्होंने राज्य कर उपायुक्त लालचंद को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में किए जा रहे प्रयासों, आत्मनिर्भर भारत की भावना तथा आर्थिक अनुशासन एवं पारदर्शिता के लिए की जा रही अपीलों का देशभर के सर्राफा एवं स्वर्णकार व्यापारी पूर्ण समर्थन करते हैं।देश के करोड़ों सर्राफा व्यापारी, स्वर्णकार, कारीगर एवं छोटो कारोबारी सदैव राष्ट्रहित में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और आगे भी पूरी निष्ठा से सहयोग करते रहेंगे।
पुराने आभूषण एवं रिपेयर कार्य पर समाप्त की जाए जीएसटी (Hapur News)
ज्ञापन में कहा गया कि पुराने आभूषणों की खरीद एवं रिपेयर कार्य पर जीएसटी समाप्त किया जाए। उन्होंने बताया कि पुराने गहनों की खरीद, एक्सचेंज, पॉलिस, रिपेयरिंग एवं मजदूरी आधारित कार्यों पर जीएसटी लगाए जाने से छोटे व्यापारियों एवं ग्राहकों दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।कम बिक्री की स्थिति में छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए। यदि बाजार परिस्थितियों, आर्थिक मंदी अथवा सरकार की अपीलों के कारण व्यापार एवं बिक्री में कमी आती है, तो केवल कम टर्नओवर के आधार पर जीएसटी विभाग, आयकर विभाग अथवा अन्य एजेंसियों द्वारा छोटे व्यापारियों को संदेह की की दृष्टि से न देखा जाए। बड़ी कंपनियों पर भी समान एवं सख्त निगरानी होनी चाहिए।
बिस्कुट और बार की बिक्री पर रखी जाए निगरानी (Hapur News)
केवल छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई करने के बजाय बड़ी कंपनियों पर भी समान रूप से नियम एवं निगरानी के तहत सोने की बार, सिक्के और बिस्कुट के उत्पाद पर प्रतिबन्ध लगाया जाये अन्यथा बाजार में बड़े स्तर पर सोने-चांदी के बिस्कुट एवं बार का व्यापार चलता रहेगा और बदनाम केवल छोटे व्यापारी होंगे।ज्ञापन में उन्होंने बताया कि भारत में भारी मात्रा में सोने का आयात होता है, जिसमें बड़ा हिस्सा बुलियन, बिस्कुट एवं बार के रूप में व्यापारिक उपयोग में आता है। इसलिए निगरानी एवं नियंत्रण का मुख्य फोकस बड़े स्तर के बुलियन व्यापार एवं सप्लाई चैन पर होना चाहिए, न कि छोटे ज्वेलरी व्यापारियों एवं कारीगरों पर होना चाहिए।
जीएसटी की जटिल समस्याओं को दूर किया जाए (Hapur News)
जीएसटी विभाग, आयकर विभाग या किसी अन्य विभाग द्वारा छोटे व्यापारियों, कारीगरों एवं स्वर्णकारों पर अनावश्यक दबाव, बार-बार नोटिस, सर्वे एवं मानसिक उत्पीड़न तुरंत बंद किया जाए। मासिक रिटर्न, ई-इनवॉइस, बार-बार बदलते नियम एवं तकनीकी प्रक्रियाएं छोटे व्यापारियों के लिए अत्यंत जटिल हैं। छोटे सर्राफा व्यापारियों हेतु सरल एवं अलग अनुपालन व्यवस्था बनाई जाए।सर्राफा व्यापार से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय, नियम परिवर्तन अथवा कार्यवाही से पूर्व संबंधित व्यापारी संगठनों एवं प्रतिनिधियों से संवाद किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि भारत सरकार छोटे स्वर्णकारों, कारीगरों एवं सर्राफा व्यापारियों के हितों की रक्षा करने और किसी भी प्रकार के विभागीय उत्पीड़न को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
यह रहे मौजूद (Hapur News)
राज्यकर विभाग के उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि किसी को बिना कारण परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मांगों को वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द भेज दी जाएगी। ज्ञापन देने वालों में सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद अग्रवाल (राम), उप प्रधान सन्नी जैन, मंत्री विरेंद्र कुमार पिल्लू, उप मंत्री दीपक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष आयुष शर्मा, आडिटर निकेत सिंघल आदि सर्राफा व्यापारी मौजूद थे।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


