Hapur संसार में किसी पर आशक्ति का न होना ही सच्चा वैराग्य है:इंद्रेश उपाध्याय, सांसद अरुण गोविल भी कथा में पहुंचे

Khabarwala 24 News Hapur: Hapur श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन श्रीमद् भागवत जी का पूजन मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद और टीवी के राम अरुण गोविल ने किया।जय श्री राम के दिव्यघोष से गुंजायमान वातावरण अवध की याद दिल रहा था। ज्ञान सर्वोपरि हैं ( Hapur) कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि […]

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Khabarwala 24 News Hapur: Hapur श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन श्रीमद् भागवत जी का पूजन मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद और टीवी के राम अरुण गोविल ने किया।जय श्री राम के दिव्यघोष से गुंजायमान वातावरण अवध की याद दिल रहा था।

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ज्ञान सर्वोपरि हैं ( Hapur)

कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि संसार में आशक्ति का न होना ही सच्चा वैराग्य है । चित्त रूपी पात्र न हो ज्ञान टिक नहीं सकता । इसीलिए ज्ञान सर्वोपरि हैं ।ज्ञान से हीन पुरुष पशु के समान होते है। ग्यानी ही जानता है शास्त्र क्या है। ज्ञान से ठाकुर जी की प्राप्ति भी हो सकती है।परंतु भक्तों को भगवान स्वयं हृदय से लगाते है । भक्ति का स्थान पहला है ।

कथा वाचक ने भक्त भोंदू का चरित्र सुनाया । उन्होंने कहा कि मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म वही है जिससे भगवान प्रसन्ना हो जाए और हृदय में अहेतुकी भक्ति के साथ आत्मा को भी आह्लादित कर दे । कथा कीर्तन भजन यज्ञ तप अनुष्ठान करने पर भी ठाकुर जी खुश न हो तो समझो केवल श्रम ही है । इस लिए प्रयास करके भक्ति युक्त मन से काम करो तो संसार के मध्य ही ठाकुर जी के दर्शन हो जाएंगे।

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अपने जीवन और आचरण में भी उतरना चाहिए ( Hapur)

मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल ने भी श्रीमद् भागवत कथा से पहले श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने आह्वान किया कि भागवत कथा को वह सुन रहे हैं उसको अपने जीवन और आचरण में भी उतरना चाहिए । अगर आप कथा के वचनों को अपने जीवन में उतरेंगे तो निश्चित रूप से ही आपके जीवन में एक बड़ा परिवर्तन होगा ।

श्री भागवत पुराण हमारे सनातन धर्म का सबसे बड़ा पुराना है, जिसमें चारों वेदों का समावेश है ।।भागवत पुराण को श्रवण करने से मोक्ष और निर्माण का सुगम रास्ता सुलभ होता है कलयुग में मोक्ष और निर्माण दोनों के लिए ही भागवत पुराण सर्वोपरि है इसे अपना आदर्श मानकर अपने जीवन में भी उतारना चाहिए ।

यह भी रहें मौजूद ( Hapur)

कथा के मध्य भक्तिमती पूर्णिमा दीदी, बाबा चित्र विचित्र एवं अनेक संतो के मध्य महामंडलेश्वर संत डॉ स्वामी विवेकानंद महराज एवं संत श्री रविन्द्रानंद महराज विराजमान रहे । भजन संध्या का दिव्य आनन्द प्राप्त हुआ। भक्तों ने इस समय खूब ठुमके लगाए।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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