Khabarwala24 Lucknow News: लखनऊ में मोबाइल की किस्त न चुका पाने पर एक युवक को बंधक बनाकर जबरन ब्लड बैंक ले जाने और उसका खून निकलवाने की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि पीड़ित से जबरन मजदूरी कराई गई और धमकी देकर परिजनों से पैसे भी ऐंठे गए।
मोबाइल की पहली किस्त टूटते ही छीन लिया था फोन (Lucknow News)
राजधानी लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र स्थित राजारामखेड़ा गांव से इंसानियत को तार-तार कर देने वाला यह मामला सामने आया है। पीड़िता जदूराई ने बताया कि उनके छोटे बेटे नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये की कीमत का सैमसंग स्मार्टफोन जीरो डाउन पेमेंट योजना के तहत खरीदा था।
मोबाइल की हर महीने की किस्त 2,799 रुपये (12 महीनों के लिए) तय हुई थी। परिजनों का कहना है कि जब पहली ही ईएमआई (EMI) में देरी हुई, तो दुकान के कारिंदे घर पहुँचे और नेवल से उसका मोबाइल छीनकर वापस ले गए।
एक साल बाद किया किडनैप, ब्लड बैंक ले जाकर निकाला खून (Lucknow News)
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। मोबाइल छीनने के करीब एक साल बाद, 8 सितंबर को स्कूटी सवार दो दबंग अचानक गांव पहुँचे और नेवल को जबरन अपने साथ लिवा ले गए।
पीड़ित नेवल की आपबीती के मुताबिक, आरोपी उसे सीधे लखनऊ शहर के एक ब्लड बैंक ले गए, जहाँ डरा-धमकाकर उसकी नस से एक यूनिट खून निकाल लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे सदर इलाके में स्थित एक कमरे में बंद कर दिया और कई दिनों तक बंधक बनाकर उससे जबरन मजदूरी कराई गई।
परिजनों से वसूले पैसे, नदी में फेंकने की दी धमकी (Lucknow News)
नेवल को बंधक बनाने के दौरान आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन करके मोबाइल की बकाया किस्त के नाम पर तुरंत 2,799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। जब पीड़ित परिवार ने अपने बेटे को सुरक्षित छोड़ने की गुहार लगाई, तो दबंगों ने 12 हजार रुपये की और मांग रख दी।
पैसे न देने पर आरोपियों ने नेवल को जान से मारकर गोमती नदी में बहा देने की सीधी धमकी दी। खौफजदा परिजन तुरंत निगोहां पुलिस स्टेशन पहुँचे, जहाँ पुलिस के दबाव में आरोपियों ने 5वें दिन नेवल को रैपिड कैब (Rapid Cab) से वापस भेजा। हैरत की बात यह रही कि कैब का किराया भी पीड़ित के भाई से ही भरवाया गया।
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डीसीपी दक्षिणी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज (Lucknow News)
थाने पहुँचे नेवल की हालत बेहद नाजुक और बदहवास थी। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय निगोहां पुलिस ने उनकी शिकायत पर उल्टा उन्हीं को फंसाने की धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद बेबस मां डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के दफ्तर पहुँचीं और आपबीती सुनाई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीसीपी दक्षिणी ने निगोहां थाना पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के सख्त आदेश दिए हैं। इसके साथ ही शिकायत पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है।
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