Khabarwala 24 News New Delhi: Viral News इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की असेंबली का एक ऐसा वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक विधानसभा सत्र के दौरान जब एक माननीय विधायक देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े हुए, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अंग्रेजी भाषा बन गई। हाथ में सरकारी प्रस्ताव और जुबान पर हर दूसरे शब्द पर ब्रेक लगाने की मजबूरी देखकर सोशल मीडिया पर मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ आ गई है।
विधानसभा में प्रस्ताव पढ़ते समय छूटे पसीने (Viral News)
कराची के केमारी से ताल्लुक रखने वाले प्रोविंशियल असेंबली के सदस्य (MPA) मोहम्मद शब्बीर कुरैशी का यह वीडियो इस समय ट्रेंडिंग टॉपिक्स में शुमार है। मामला सिंध असेंबली के सत्र के दौरान का है, जहाँ शब्बीर कुरैशी को मोहम्मद अली जिन्ना की याद में एक आधिकारिक अंग्रेजी प्रस्ताव पढ़ना था।
जैसे ही कुरैशी साहब ने पोडियम पर खड़े होकर अंग्रेजी का कागज पढ़ाना शुरू किया, उनका सामना भारी-भरकम शब्दों से हो गया।
- एक-एक शब्द के लिए संघर्ष: वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विधायक साहब एक-एक अंग्रेजी शब्द का उच्चारण करने के लिए किस कदर जद्दोजहद कर रहे हैं।
- सहयोगियों से मांगी मदद: स्थिति इतनी असहज हो गई कि वे खुद शब्द नहीं बोल पा रहे थे और उन्हें अपने पास बैठे साथी विधायकों की मदद लेनी पड़ी।
- कोड डिकोड जैसा नजारा: असेंबली में मौजूद लोग और वीडियो देखने वाले यूज़र्स का कहना है कि नेता जी का हाल ऐसा था मानो वे अंग्रेजी नहीं, बल्कि किसी दूसरे ग्रह की कोई बेहद कठिन गुप्त भाषा डिकोड करने की कोशिश कर रहे हों।
View this post on Instagram
सोशल मीडिया पर आई मीम्स की बाढ़, जिन्ना का दिया हवाला (Viral News)
वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आते ही यूज़र्स ने इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इसके क्लिप्स वायरल हो गए।
कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने पाकिस्तान के इतिहास का जिक्र करते हुए मजे लिए। यूज़र्स ने याद दिलाया कि खुद मोहम्मद अली जिन्ना लंदन के मशहूर ‘लिंकन इन’ से पढ़े हुए एक बैरिस्टर थे और उनकी अंग्रेजी बेहद शानदार और धाराप्रवाह हुआ करती थी। लोग कमेंट्स में चुटकी लेते हुए लिख रहे हैं कि ऊपर से यह सब देखकर जिन्ना भी यही सोच रहे होंगे कि “भाई, इससे अच्छा तो तुम उर्दू में ही बोल लेते।”
स्टाफ और जबरन अंग्रेजी बोलने पर उठे सवाल (Viral News)
जहाँ एक तरफ यह वीडियो लोगों के मनोरंजन का जरिया बन चुका है, वहीं दूसरी तरफ कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस पर संजीदा सवाल भी उठाए हैं।
- मातृभाषा में बोलने की वकालत: लोगों का कहना है कि जब विधायक साहब अंग्रेजी में सहज नहीं थे, तो उन्हें जबरदस्ती अंग्रेजी में भाषण या प्रस्ताव देने की क्या जरूरत थी? वे अपनी राष्ट्रभाषा उर्दू या प्रांतीय भाषा सिंध में भी यह प्रस्ताव आसानी से पेश कर सकते थे।
- स्टाफ की लापरवाही: कई यूज़र्स ने विधायक के पीआर (PR) और ड्राफ्टिंग स्टाफ को आड़े हाथों लिया। लोगों का तर्क है कि अगर भाषण अंग्रेजी में ही देना था, तो कम से कम बोलने से पहले एक-दो बार प्रैक्टिस करवा देनी चाहिए थी या फिर कागज पर उर्दू लिपि में लिखकर दे देना चाहिए था ताकि नेताजी की जगहंसाई न होती।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर विधायक मोहम्मद शब्बीर कुरैशी या उनकी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सिंध असेंबली का यह वाक्य सोशल मीडिया पर लंबे समय तक लोगों को हंसाने और चर्चा में बने रहने के लिए बिल्कुल तैयार है।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।










