खबरवाला 24 न्यूज हापुड़: जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि जनपद में जितने भी दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पाट हैं, उनको चिन्हित करते हुए दुर्घटना रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। अवैध कट को बंद कराया जाए। परिवहन विभाग द्वारा समस्त स्कूली वाहनों के फिटनेस की जांच की जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पांच जनवरी से चार फरवरी तक मनाए जाने वाले सड़क सुरक्षा माह को लेकर बैठक में निर्देश दे रही थीं। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत विभिन्न आयोजनों एवं गतिविधियों को सफल बनाने हेतु आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों से परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि हेल्थ कैम्प का आयोजन कर वाहन चालकों/परिचालकों, यातायात पुलिस कर्मियों/प्रवर्तन सिपाहियों एवं स्कूली वाहन चालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि होर्डिंग, फ्लैक्सी, वीडियो वैन आदि माध्यमों से सड़क सुरक्षा के प्रति आम जन को जागरूक किया जाए। उन्होने कहा कि ट्रैक्टर ट्रॉली पर गन्ना मिल तथा स्वयं सेवी संस्थाओं तथा अन्य संस्थान/कम्पनी से प्रायोजित कराकर रेट्रो रिफ्लेक्टिव लगाये जाने हेतु प्रेरित किया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि स्कूलों द्वारा यातायात नियमों की जानकारी व जागरूकता पर बल दिया जाए।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने कहा कि वाहन डीलरों द्वारा दो पहिया वाहन की बिक्री के साथ अनिवार्य रूप से हेलमेट बिक्री पर जोर दिया जाए। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर चालान करने के निर्देश के साथ ही साथ मॉडल शाप के आस-पास बाईक सवार युवकों पर कड़ी निगरानी रखते हुए चेकिंग करने का निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि नेशनल हाईवे पर विशेष तौर से क्रेन, एंबुलेंस, टोचेन, सीसीटीवी कैमरे इत्यादि उपलब्ध हो। जनपद के प्रमुख चौराहों पर भी कैमरे जरूर लगे होने चाहिए। जितने भी स्कूल, अस्पताल है वहां पर स्मूथ वाले स्पीड ब्रेकर तथा रंबल स्ट्रिप लगवाए जाएं।
बैठक में विधायक गढ़मुक्तेश्वर हरेंद्र तेवतिया, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर,जिला अध्यक्ष उमेश राणा , मुख्य विकास अधिकारी प्रेरणा सिंह, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी, यातायात निरीक्षक सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे


