मुंबई, 27 फरवरी (khabarwala24)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और डॉलर में हल्की कमजोरी के चलते शुक्रवार को कीमती धातुओं यानी सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव इंट्रा-डे में 0.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,60,719 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी दिन के कारोबार में 3 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 2,68,301 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
हालांकि खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 2.13 बजे) 2 अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट वाला गोल्ड फ्यूचर 0.40 प्रतिशत यानी 645 रुपए की तेजी के साथ 1,60,354 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जबकि 5 अप्रैल एक्सपायरी वाला सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 6,981 रुपए यानी 2.69 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,66,650 रुपए पर ट्रेड करता नजर आया।
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को बिना किसी ठोस प्रगति के आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। अमेरिका द्वारा सैनिक तैनाती बढ़ाने के बाद दोनों देशों के बीच चेतावनियों का आदान-प्रदान हुआ। साथ ही, वॉशिंगटन ने तेल और हथियार निर्यात से जुड़े नए प्रतिबंध लगाकर ईरान पर दबाव बढ़ाया, जिससे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में सोने-चांदी की मांग बढ़ गई।
डॉलर इंडेक्स 0.04 प्रतिशत घटकर 97.76 पर आ गया, जिससे विदेशी मुद्रा धारकों के लिए डॉलर आधारित बुलियन थोड़ी सस्ती हो गई। हालांकि, यह हल्की गिरावट डॉलर में हाल की मजबूत बढ़त के बाद आई, जिसने उसे चार हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंचा दिया था और सोने की तेजी को कुछ हद तक सीमित किया।
इसके अलावा, अमेरिका में ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदें भी कमजोर पड़ी हैं, क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।
इसी बीच, पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड्स द्वारा अपने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में रखे गए भौतिक सोना और चांदी के मूल्यांकन के ढांचे में बदलाव किया है।
इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार की परिस्थितियों के अनुसार कीमत तय करना, पारदर्शिता बढ़ाना और सभी फंड हाउस के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया को एक समान बनाना है। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
एक विश्लेषक के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स 1,80,000-1,81,000 रुपए के रिकॉर्ड उच्च स्तर से करेक्शन के बाद 1,55,000 रुपए से 1,65,000 रुपए के दायरे में स्थिर हो रहा है। एक्सपर्ट ने आगे कहा कि सोने का दीर्घकालिक रुझान अब भी मजबूत है और मौजूदा स्थिरता गिरावट नहीं, बल्कि एक स्वस्थ विराम का संकेत है।
उन्होंने आगे कहा कि एमसीएक्स चांदी के लिए 2,25,000-2,35,000 रुपए का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। यदि कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो मध्यम अवधि में यह 3,00,000 से 3,25,000 रुपए तक पहुंच सकती है।
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