नई दिल्ली, 31 जनवरी (khabarwala24)। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद राज्य और देश की राजनीति में यह बहस छिड़ चुकी है कि एनसीपी की कमान कौन संभालेगा और डिप्टी सीएम की जगह कौन लेगा? अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को इसकी जिम्मेदारी देने की बात चल रही है। इस बीच शनिवार को एनसीपी की एक बैठक भी हो रही है। इस पर पक्ष-विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि सुनेत्रा पवार राज्यसभा सदस्य हैं और विधायक दल का नेता कौन बनेगा, यह पूरी तरह पार्टी का आंतरिक फैसला होता है। जनभावना को देखते हुए लगता है कि सुनेत्रा पवार को ही नेता चुना जाएगा और वही डिप्टी मुख्यमंत्री बनेंगी।
वहीं, सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा पर बिहार सरकार के मंत्री मोहम्मद जमा खान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार लिया गया फैसला उचित है।
एनसीपी नेता अनिल भाईदास पाटिल ने कहा, “इतना बड़ा झटका लगा है कि सुनेत्रा पवार के लिए इससे उबरना लगभग नामुमकिन है। हालांकि हमारी कोशिश है कि पार्टी की कमान किसी को सौंपी जाए। हमें लगता है कि इस समय सुनेत्रा पवार यह जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।”
अनिल भाईदास पाटिल ने कहा, “अहम बात यह है कि सबसे पहले हमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और सभी विधायकों के साथ मिलकर यह तय करना था कि सुनेत्रा पवार को कैसे मनाया जाए। उसी के मुताबिक, शुक्रवार को वहां सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह यहां आईं। उन्हें मनाने की हमारी कोशिशें आज भी जारी हैं। हमारे ग्रुप का नेता कौन होगा, यह तय करना विधायकों की जिम्मेदारी है और इस दिशा में अभी बातचीत चल रही है।”
सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेंगी। इस पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, “उस महिला नेता को बहुत-बहुत शुभकामनाएं जिन्हें महाराष्ट्र प्रदेश और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने का मौका मिल रहा है। एक महिला होने के नाते मैं उन्हें अपनी शुभकामनाएं देती हूं।”
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि फिलहाल किसी के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर किसी को कुछ पता होगा तो वह अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस या फिर सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल जैसे कुछ चुनिंदा लोग होंगे या फिर वे लोग जो शपथ लेने वाले हैं।”
राउत ने कहा कि अभी महाराष्ट्र को खुद नहीं पता कि क्या होने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य अभी अजित पवार के जाने के गम में डूबा हुआ है और हर घर में शोक का माहौल है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने कहा, “अगर यह पार्टी का फैसला है, तो इसमें हम क्या कह सकते हैं? पार्टी अपने आंतरिक निर्णय खुद लेती है और सरकार भी अपने तरीके से काम करती है। अगर सरकार को पार्टी के फैसले के आधार पर किसी को शपथ दिलानी है, तो इसमें न सरकार की गलती है और न ही पार्टी की।”
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