उज्जैन, 30 जनवरी (khabarwala24)। देश के प्रतिष्ठित देवालयों में बढ़ते ‘वीआईपी कल्चर’ और उसके कारण पुजारियों व आम भक्तों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मंदिरों में संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के लिए ‘वीआईपी प्रवेश प्रतिबंधित कानून’ बनाने की मांग की है।
पुजारी महेश शर्मा ने कहा कि उज्जैन के महाकाल मंदिर से लेकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर तक, सुरक्षा के नाम पर नित्य पूजा-अर्चना करने वाले पुजारियों और पुरोहितों को उनके ही गर्भगृह और कमरों से खदेड़ दिया जाता है। ऐसी व्यवस्था के कारण अपमानित महसूस होता है।
उन्होंने कहा, “हमने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र इसलिए लिखा है कि संवैधानिक पद पर बैठे लोग देवालयों में न जाएं। क्योंकि जब वे देवालयों में जाते हैं, तो वहां अव्यवस्था की स्थिति बनती है। इस दौरान महंत और पुजारियों को जब धक्का देकर बाहर किया जाता है, तो वह उनका अपमान होता है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के वृंदावन दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हाल ही में वृंदावन में मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के दौरे के दौरान सुरक्षा के नाम पर पुजारियों को खदेड़ा और पुजारियों के परिवारों और महिलाओं के साथ पुलिस की ओर से अव्यवहार किया गया। इसलिए हमने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्तियों के धार्मिक स्थलों में उनके प्रतिबंध लगाया जाए।”
उन्होंने कहा कि उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी कई बार ऐसी स्थिति आती है कि किसी वीआईपी के आने पर पुजारियों को वहां से हटा दिया जाता है। इसके जरिए हमारे सम्मान को भी ठेस पहुंचाई जाती है। इसी तरह पूरे देश में मंदिरों के अंदर वीआईपी कल्चर या संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को रोका जाए।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।










