पुरी, 3 फरवरी (khabarwala24)। ओडिशा के पुरी में प्रसिद्ध ब्लू फ्लैग बीच पर मंगलवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की ओर से वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन–2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर पद्म श्री सम्मानित अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने तटीय सुरक्षा और राष्ट्रभक्ति के संदेश को दर्शाती आकर्षक मूर्ति का निर्माण किया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।
सीआईएसएफ ने इस साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण की शुरुआत की है, जो तटीय सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय पहल है। भारत की लगभग 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर 250 से अधिक बंदरगाह स्थित हैं, जिनमें 72 प्रमुख और महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बंदरगाह हैं, जो देश के करीब 95 प्रतिशत व्यापार को संभालते हैं। ये बंदरगाह, तटीय रिफाइनरियों, शिपयार्ड और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के साथ भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ हैं, लेकिन इन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों और विस्फोटकों की अवैध आवाजाही, घुसपैठ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों जैसे गंभीर खतरों का सामना भी करना पड़ता है।
पिछले पांच दशकों से सीआईएसएफ 12 प्रमुख बंदरगाहों और अन्य महत्वपूर्ण तटीय ढांचों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है। पहले कोस्टल साइक्लोथॉन की सफलता के बाद, वर्ष 2026 का यह संस्करण नए संकल्प और मजबूत राष्ट्रीय भावना के साथ इस अभियान को आगे बढ़ा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम के बाद फ्लैग-ऑफ सेरेमनी आयोजित की गई, जिसके साथ ही साइक्लोथॉन की यात्रा शुरू हुई। यह 25 दिनों की 6,553 किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा है, जो भारत की पूरी मुख्य भूमि तटरेखा को कवर करेगी और इसे देश के सबसे बड़े तटीय साइकिल अभियानों में से एक बनाएगी।
यह यात्रा पश्चिम बंगाल के बाद ओडिशा पहुंच गई है। इसके बाद यह यात्रा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु होते हुए केरल पहुंचेगी। दोनों टीमें तटीय मार्गों से होते हुए 22 फरवरी को कोच्चि, केरल में मिलेंगी।
साइक्लोथॉन में कुल 130 सीआईएसएफ कर्मी भाग ले रहे हैं, जिनमें 65 महिला कर्मी शामिल हैं। सभी प्रतिभागियों ने एक महीने से अधिक समय तक कड़ी ट्रेनिंग ली है, जिसमें स्टैमिना बढ़ाने, पोषण प्रबंधन, साइकिल सुरक्षा, लंबी दूरी की राइडिंग और साइकिल रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया। यह साइक्लोथॉन न केवल फिटनेस का प्रतीक है, बल्कि तटीय सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश भी देता है।
कमांडेंट राकेश चौधरी ने khabarwala24 से बात करते हुए कहा कि मैं सुदर्शन पटनायक को एक आकर्षक मूर्ति बनाने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। यह यात्रा का दूसरा चरण शुरू हुआ है। हमारा प्रयास है कि तटीय इलाकों में जनभागीदारी बढ़ाई जाए और महिलाओं को जागरुक किया जाना चाहिए। सबसे बड़ी बात है कि इसमें 65 महिलाकर्मी भाग ले रही हैं।
सुदर्शन पटनायक ने कहा कि ये हमारे देश में बड़ी मुहिम चलाई जा रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम जरूरी हैं।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


