नई दिल्ली, 9 फरवरी (khabarwala24)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में विकसित हो रहे नमो भारत कॉरिडोर के आसपास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। इसके तहत नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए-दिल्ली) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन प्लानिंग एंड डिजाइन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह एमओयू एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और एसपीए-दिल्ली के निदेशक प्रो. डॉ. वीके पॉल की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस साझेदारी का उद्देश्य एनसीआर में निर्मित होने वाले सभी नमो भारत कॉरिडोर्स के आसपास टीओडी ज़ोन की बेहतर योजना और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
एनसीआरटीसी का संतुलित विकास और सतत क्षेत्रीय गतिशीलता का विजन तथा एसपीए-दिल्ली की शहरी नियोजन एवं डिजाइन में अकादमिक और तकनीकी विशेषज्ञता मिलकर स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में एकीकृत भूमि उपयोग एवं परिवहन नियोजन को बढ़ावा देंगी।
टीओडी नीति के तहत ट्रांजिट हब के आसपास उच्च-घनत्व, मिश्रित उपयोग और कॉम्पैक्ट विकास को प्रोत्साहित किया जाता है। इससे पैदल यात्रियों के अनुकूल, समावेशी और जीवंत शहरी क्षेत्रों का निर्माण संभव होता है। बेहतर टीओडी ज़ोन यात्रियों को सुरक्षित पैदल मार्ग, बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, सार्वजनिक स्थलों तक आसान पहुंच और ट्रांजिट हब के पास आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होती है और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलता है।
इस पहल के माध्यम से भूमि उपयोग की दक्षता बढ़ाने, साक्ष्य-आधारित सार्वजनिक निवेश को मजबूती देने और लैंड वैल्यू कैप्चर जैसे वित्तीय तंत्रों को लागू करने पर भी जोर दिया जाएगा, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
यह एमओयू आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ट्रांजिट कॉरिडोर के साथ टीओडी को बढ़ावा देने की व्यापक नीति के अनुरूप है। इसके तहत छह-सूत्रीय समन्वय ढांचा तैयार किया गया है, जिसमें टीओडी कॉरिडोर की पहचान, इंफ्लुएंस ज़ोन का नोटिफिकेशन, स्थानीय क्षेत्र योजनाओं का निर्माण, भूमि और संपत्ति की सूची, संभावित विकास क्षेत्रों की पहचान और नीतिगत सहयोग शामिल हैं।
एसपीए-दिल्ली इस साझेदारी में एनसीआरटीसी के लिए नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा और सर्वेक्षण, स्थानिक विश्लेषण, स्टेकहोल्डर परामर्श तथा नीति संबंधी सुझावों में सहयोग प्रदान करेगा। यह एमओयू भविष्य में स्वीकृत होने वाले अन्य नमो भारत कॉरिडोर्स पर भी लागू किया जा सकता है।
भारत का पहला हाई-स्पीड, हाई-फ्रीक्वेंसी रीजनल ट्रांजिट सिस्टम, नमो भारत, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ जैसे बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों को जोड़ रहा है। टीओडी ज़ोन के साथ इसके एकीकरण से न केवल यात्रा का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि आसपास के इलाकों का समग्र और टिकाऊ शहरी विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा।
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