कुमाऊं विश्वविद्यालय में बड़ा शैक्षणिक बदलाव, अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिसर्च पर फोकस

नई दिल्ली, 3 फरवरी (khabarwala24)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कुमाऊं यूनिवर्सिटी में आईआईटी और आईआईएम संस्थानों के समान उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने की पहल की गई है। यहां गणित, योग, संगीत, आईटी लैब, लॉ, होटल मैनेजमेंट, फार्मेसी और अन्य विभागों के नए परिसर विकसित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के विजन […]

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नई दिल्ली, 3 फरवरी (khabarwala24)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कुमाऊं यूनिवर्सिटी में आईआईटी और आईआईएम संस्थानों के समान उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने की पहल की गई है। यहां गणित, योग, संगीत, आईटी लैब, लॉ, होटल मैनेजमेंट, फार्मेसी और अन्य विभागों के नए परिसर विकसित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के विजन के अनुरूप विश्वविद्यालय को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के परिसर में तब्दील किया जा रहा है।

कुलपति प्रोफेसर डी.एस. रावत ने बताया कि विश्वविद्यालय को अब मेरू (मल्टीडिसीप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी) का दर्जा मिल गया है, जिसके तहत करीब 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

गौरतलब है कि ‘मेरू’ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्थापित होने वाले मॉडल विश्वविद्यालय हैं। इनका उद्देश्य आईआईटी और आईआईएम संस्थानों के समान उच्च गुणवत्ता वाली समग्र और बहुविषयक शिक्षा प्रदान करना है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार मेरू दर्जा प्राप्त करने वाले संस्थान रिसर्च और शिक्षा को एकीकृत करते हैं। यह एक ऐसी पहल है जो भारत को एक वैश्विक शैक्षणिक केंद्र बनाने में मदद करेगी।

प्रोफेसर डी.एस. रावत ने बताया कि इन पहलों का मकसद कुमाऊं विश्वविद्यालय को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत शैक्षणिक केंद्र बनाना है। दिल्ली में मौजूद रहने के दौरान कुलपति ने बताया कि इसके अलावा कुमाऊं विश्वविद्यालय को एएनआरएफ-पेयर प्रोजेक्ट भी मंजूर हुआ है, जिसकी राशि भी लगभग 100 करोड़ रुपये है। विश्वविद्यालय ने पढ़ाई में नए प्रयोग के तौर पर ‘विद्या सेतु’ कार्यक्रम शुरू किया है। इससे देश के बड़े संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ेगा। विश्वविद्यालय में रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी बनाया गया है।

प्रोफेसर रावत ने बताया कि एक महत्वपूर्ण पहल के तहत विश्वविद्यालय में अब पेटेंट से जुड़े काम को भी आर्थिक मदद दी जा रही है। अच्छे शोध को बढ़ावा देने के लिए पीएचडी छात्रों को फेलोशिप, सेमिनार-कॉन्फ्रेंस के लिए फंड और इंटरनल रिसर्च ग्रांट दी जा रही है। रिसर्च के क्षेत्र में हाइड्रोपोनिक रिसर्च सेंटर, हर्बल टी लैब, हर्बल प्रोडक्शन यूनिट और बायोफ्लॉक फिश टेक्नोलॉजी यूनिट जैसी नई सुविधा शुरू की गई हैं। इसके साथ ही पीएचडी छात्रों के साथ ओपन हाउस चर्चा, शिक्षकों के लिए व्हाट्सएप संवाद समूह और स्कूल-यूनिवर्सिटी कनेक्ट प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के इतिहास पर आधारित किताब भी प्रकाशित की गई है। वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन व्यवस्था लागू की गई है।

प्रोफेसर रावत का कहना है कि नए कैंपस के लिए पटवाडांगर में 26.4 एकड़ जमीन मिली है, जहां 11 नए शैक्षणिक भवन बनाए जा रहे हैं। इनमें गणित, योग, संगीत, परीक्षा भवन, आईटी लैब, लॉ, होटल मैनेजमेंट, फार्मेसी और अन्य विभागों के भवन शामिल हैं। मेरू परिसर का शिलान्यास भी हो चुका है। इसके अलावा लैब्स, कॉन्फ्रेंस हॉल, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, हिमालयन म्यूजियम, रिहायशी भवन, सड़कें और पुराने हेरिटेज भवनों का नवीनीकरण किया गया है। 788 किलोवाट का सोलर पैनल, एनसीसी के लिए रोइंग सिम्युलेटर, इनडोर फायरिंग रेंज और केंद्रीय पुस्तकालय में नया रीडिंग रूम भी शुरू किया गया है।

प्रोफेसर रावत के अनुसार छात्रों के लिए टाटा स्ट्राइड प्रोग्राम, सीआईआई के साथ इंडस्ट्री लाउंज, और मुफ्त एसएसबी ट्रेनिंग जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। अब उसी साल डिग्री मिलने की सुविधा है और दीक्षांत समारोह के बिना भी डिग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं यूजी-पीजी छात्रों को 5000 रुपए प्रति माह इंटर्नशिप, प्लेसमेंट सपोर्ट, टैलेंट हंट और 28 संस्थानों के साथ एमओयू का लाभ दिया जा रहा है। रिसर्च ग्रांट, अनाथ छात्रों को मुफ्त शिक्षा और टॉपर्स कॉन्क्लेव के जरिए छात्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

खास बात यह है कि कुलपति भी खुद कक्षाएं लेकर छात्रों से सीधे संवाद कर रहे हैं। छात्रों को ई-बुक्स, केयू ओपन ई-लाइब्रेरी, लाइब्रेरी चैंपियन अवॉर्ड, शोध प्रकाशन पर पुरस्कार और कुमाऊंनी भाषा में अनुवाद के लिए भी सम्मान दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. डी.एस. रावत ने कहा कि ये सारे कदम कुमाऊं विश्वविद्यालय को पढ़ाई, रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए उठाए गए हैं। आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को पूरा करते हुए उत्तराखंड और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

–khabarwala24

जीसीबी/एएस

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