वरकला (केरल), 4 मार्च (khabarwala24)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशान ने बुधवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) पर सबरीमाला चोरी मामले को जानबूझकर कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल न करने के कारण मुख्य आरोपी और वरिष्ठ सीपीआई-एम नेता ए. पद्मकुमार को वैधानिक जमानत मिल गई।
यदि जांच एजेंसी अपराध के आधार पर 60 या 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रहती है, तो आरोपी को डिफ़ॉल्ट जमानत का एक अविभाज्य, मौलिक अधिकार प्राप्त है। यह अधिकार निर्धारित अवधि समाप्त होने पर सक्रिय हो जाता है, बशर्ते आरोपी इसके लिए आवेदन करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से पद्मकुमार को रिहा कर दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के समर्थन से एसआईटी ने ऐसी परिस्थितियां पैदा कीं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने कुछ हफ़्ते पहले ही इस तरह के परिणाम की संभावना जताई थी।
सोने की चोरी के मामले में जेल में बंद 13 लोगों में से आठ को जमानत मिल जाने का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि जमानत पर छूटे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हिरासत में रहते हुए भी जांचकर्ता महत्वपूर्ण सबूत जुटाने में नाकाम रहे। अब जब वे बाहर हैं, तो जो थोड़ी-बहुत संभावना बची थी, वह भी खत्म हो जाएगी।
उनके अनुसार, इस मामले के अपनी गति और प्रासंगिकता दोनों खोने का खतरा है, और अंततः बिना किसी जवाबदेही के समाप्त हो सकता है।
सतीशान ने आगे आरोप लगाया कि इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन सभी का संबंध सीपीआई-एम से है और जांच उन व्यक्तियों तक नहीं पहुंची जिन्हें उनके विचार में गिरफ्तार किया जाना चाहिए था।
उन्होंने दावा किया कि वास्तविक दोषियों को बचाने का स्पष्ट प्रयास किया जा रहा है। अगर हिरासत में लिए गए लोग बोलते हैं, तो और भी नाम सामने आएंगे। हम जो देख रहे हैं वह इसमें शामिल लोगों को बचाने की साजिश का नतीजा है।
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