अगरतला, 29 जनवरी (khabarwala24)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गुरुवार को कहा कि राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, जहां सात विश्वविद्यालय, तीन इंजीनियरिंग कॉलेज, तीन मेडिकल कॉलेज और कई अन्य उच्च शिक्षा और व्यावसायिक संस्थान उच्च कुशल कार्यबल का उत्पादन कर रहे हैं।
पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े डाटा सेंटर की आधारशिला रखते हुए सीएम साहा ने कहा कि विनियमन और अनुपालन में कमी 2025 में राज्य की पहली रैंक के साथ-साथ, त्रिपुरा का निवेशक-अनुकूल वातावरण और सुधार-समर्थक शासन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से बढ़ती रुचि आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक डाटा खपत में भारत की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है, जबकि इसकी डाटा भंडारण क्षमता केवल लगभग दो प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “भारत की भंडारण क्षमता वर्तमान में 1.5 गीगावाट से बढ़कर 2030 तक 8 गीगावाट होने की उम्मीद है। ऐसे में त्रिपुरा में डाटा सेंटर की स्थापना एक समयोचित कदम है।”
उन्होंने कहा कि राज्य की अनुकूल जलवायु परिस्थितियां, अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता, प्रदूषण मुक्त वातावरण और हवाई संपर्क त्रिपुरा को डाटा सेंटर निवेश के लिए एक आदर्श स्थान बनाते हैं।
अगरतला में भारत के तीसरे अंतर्राष्ट्रीय इंटरनेट गेटवे की मौजूदगी स्थिर और उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जिससे राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलती है।
सीएम साहा ने सक्रिय भूमि आवंटन, अवसंरचना विकास और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से परियोजना को सुगम बनाने में सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा की प्रगतिशील डाटा सेंटर नीति 2021, देश में सर्वश्रेष्ठ नीतियों में से एक है, जो वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है जैसे कि प्रति वर्ष 12 लाख रुपए तक का 50 प्रतिशत फ्लोर रेंटल प्रतिपूर्ति, रियायती भूमि पट्टा, 4.75 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क, प्रति वर्ष 10 लाख रुपए तक की बैंडविड्द्ध लागत सब्सिडी और प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपए तक की पूंजी निवेश सब्सिडी देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक प्रमुख डाटा सेंटर और आईटी हब के रूप में उभरने के लिए तैयार है।
उन्होंने हाल ही में आयोजित प्रवासी त्रिपुराबाशी शिखर सम्मेलन का उल्लेख किया, जिसमें दुनिया भर से त्रिपुरा मूल के 86 प्रतिष्ठित पेशेवरों ने भाग लिया, जिनमें से कई ने राज्य के आईटी क्षेत्र में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की।
प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग अगरतला के पास त्रिपुरा का दूसरा आईटी पार्क स्थापित करने की योजना बना रहा है।
स्थानीय प्रतिभा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने नई पीढ़ी के नवाचार नेटवर्क (एनजीआईएन) योजना की शुरुआत की है और त्रिपुरा स्टार्ट-अप नीति, 2025 का शुभारंभ किया है, जो बीज वित्तपोषण, परिचालन प्रतिपूर्ति, प्रोटोटाइप विकास अनुदान, ब्रांडिंग सहायता और बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण सहित व्यापक सहायता प्रदान करती है।
स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपए से लेकर 2 करोड़ रुपए तक की फंडिंग प्रदान करने के लिए 50 करोड़ रुपए का एक स्टार्टअप वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है।
वर्तमान में त्रिपुरा में 188 पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जिनमें से 50 से अधिक नए आवेदन विचाराधीन हैं।
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