नई दिल्ली, 7 फरवरी (khabarwala24)। दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के एक खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के बाद मृतक के परिजनों का गुस्सा और दर्द दोनों साफ झलक रहा है। कमल के पिता नरेश ध्यानी ने दिल्ली सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार को सिर्फ अस्थायी इंतजाम नहीं, बल्कि स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
khabarwala24 से बातचीत में नरेश ध्यानी ने कहा, “हम सरकार से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। वे कभी-कभी कुछ अस्थायी मरम्मत कर देते हैं, लेकिन कुछ दिन बाद हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं। इस बार भी कुछ नहीं किया गया। जो हो गया, वह तो हो गया, लेकिन आगे ऐसा न हो, इसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी।”
उन्होंने बताया कि हादसे वाली रात परिवार और दोस्तों ने कमल को पूरी रात ढूंढा, लेकिन सुबह जाकर इस भयावह घटना की जानकारी मिली। नरेश ध्यानी ने कहा, “हम उसके दोस्तों के साथ पार्क और आसपास के इलाकों में उसे ढूंढते रहे। सुबह पता चला कि वह अंधेरे में बाइक समेत गड्ढे में गिर गया। हम चाहते हैं कि आगे किसी और परिवार के साथ ऐसा न हो।”
कमल परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य भी। पिता ने बताया, “वह पूरे परिवार का खर्च चलाता था। मेरा छोटा बेटा अभी काम नहीं करता। अब हमारे सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।”
कमल के छोटे भाई ने भी उस रात की आपबीती सुनाई। उसने कहा, “मैं पूरी रात अपने भाई को ढूंढता रहा। सुबह जब मैं उसे फोन कर रहा था, तभी पुलिस को सूचना मिली कि एक खुले गड्ढे में शव और बाइक पड़ी है। जब मैं वहां पहुंचा और उसका बैग देखा, तभी समझ आया कि मरने वाला मेरा भाई ही है।”
परिवार का आरोप है कि अब तक उन्हें न तो किसी नेता ने आश्वासन दिया है और न किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क किया है। कमल के भाई ने कहा, “अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। कोई नेता हमसे मिलने नहीं आया। कोई अधिकारी भी नहीं।”
इस घटना के बाद इलाके के स्थानीय लोग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने khabarwala24 से कहा, “हमारा घर सामने जनता फ्लैट्स में है। हमें दिन में तीन-चार बार यहां से गुजरना पड़ता है। इस तरफ कोई बैरिकेडिंग नहीं थी, सिर्फ दूसरी तरफ दो बैरिकेड लगे थे। जो हरी शीट अब दिख रही है, वह पहले नहीं थी। न कोई चेतावनी थी, न सही इंतजाम। सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां रोशनी नहीं है और इलाका पूरी तरह अंधेरे में रहता है।”
यह हादसा गुरुवार देर रात हुआ, जब कमल काम से घर लौटते समय जनकपुरी में चल रहे डीजेबी प्रोजेक्ट साइट पर खुले गड्ढे में गिर गया। कमल कैलाशपुरी का रहने वाला था और रोहिणी स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। वह अपने माता-पिता की शादी की सालगिरह मनाने के लिए घर आ रहा था, लेकिन परिवार का यह जश्न मातम में बदल गया।
कमल के एक दोस्त के अनुसार, हादसे से कुछ देर पहले उसकी कमल से बात हुई थी। दोस्त ने बताया, “कमल ने कहा था कि वह सिर्फ 15 मिनट दूर है और घर पहुंचने वाला है। लेकिन जब वह तय समय पर घर नहीं पहुंचा, तो परिवार ने पुलिस की मदद से रातभर उसकी तलाश शुरू कर दी।”
पुलिस ने मोबाइल टावर डेटा और सीसीटीवी फुटेज के जरिए कमल का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कई घंटों तक कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि इलाके के एक गड्ढे में शव पड़ा है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में कमल का शव बरामद किया। उसकी मोटरसाइकिल पास में गिरी हुई मिली। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि डीजेबी की ओर से भारी लापरवाही बरती गई। गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था, सही बैरिकेडिंग नहीं थी, और कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया था, जिससे रात में गुजरने वाले लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हुआ।
इलाके के लोगों ने यह भी कहा कि सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण बाइक सवार या अन्य वाहन चालकों को गड्ढा दिख ही नहीं सकता।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस पूरी रात परिवार के साथ रही और लगातार कमल की तलाश करती रही।
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस मौत को दुखद बताया और सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को निलंबित किया जाएगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Khabarwala24 पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।


