बाबा महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारी शुरू, 6 फरवरी से शुरू होगा 9 दिवसीय उत्सव

उज्जैन, 31 जनवरी (khabarwala24)। साल 2026 की महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय बचा है और शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं।मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 […]

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उज्जैन, 31 जनवरी (khabarwala24)। साल 2026 की महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय बचा है और शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं।

मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे।

महा शिवरात्रि के लिए मंदिर में की जा रही तैयारियों पर महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “इस बार महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी को मनाया जाएगा। कुछ जगह तिथि को लेकर थोड़ा भ्रम है, लेकिन 15 फरवरी को ही शिवरात्रि उज्जैन में मनाई जाएगी।

बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का सेलिब्रेशन 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना भगवान का रुद्राभिषेक, 24 घंटे निराकार रूप में दर्शन और जलधारी, रात के समय स्नान और वस्त्र धारण का कार्यक्रम रहेगा। साथ ही अलग-अलग नौ विग्रहों की स्थापना और पूजा की जाएगी। ये नौ दिन भगवान की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों जैसी होती है। भक्तों के लिए मंदिर भी खुले रहेंगे और भक्त बाबा महाकाल पर जलधारी अर्पित कर पाएंगे।

उन्होंने बताया कि “पहले दिन बाबा का दुशाला ओढ़ाकर शृंगार होता है और फिर दूसरे दिन बाबा को शेषनाग धारण कराए जाते हैं। तीसरे दिन घटाघटा स्थापित किया जाता है, जो शिवलिंग के समान ही होता है। चौथे दिन प्रभु के छवि दर्शन होते हैं और पांचवें दिन बाबा को मन-महेश, उमा महेश, शिव तांडव और होलकर के रूप में सजाया जाता है।

15 फरवरी को होने वाली खास पूजा और अनुष्ठान पर पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को जलधारी के साथ चारों पहर की पूजा और आरती होगी और रात के समय स्नान के साथ बाबा को दूल्हे के रूप में शृंगार कर सजाया जाएगा और रात को विशेष शृंगार पूजा होगी, जिसे सेहरा दर्शन भी कहा जाता है।

इस दौरान नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का आयोजन होगा और भक्तों के आगमन के लिए तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है। मंदिर में हो रही तैयारी पर उन्होंने कहा कि गर्भगृह की सफाई, मंदिर के कुंड़ों की सफाई और रंग-रोगन का काम शुरू हो चुका है, जिसे 6 फरवरी तक खत्म करने की कोशिश रहेगी।

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