अमरावती, 19 जनवरी (khabarwala24)। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि बीते 18 महीनों में एनडीए सरकार ने आंध्र प्रदेश की ब्रांड छवि को फिर से स्थापित किया है। उन्होंने दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप देश में आने वाले कुल निवेश का करीब 25 प्रतिशत आंध्र प्रदेश को आकर्षित करने में सफलता मिली है।
ज्यूरिख में तेलुगु प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गूगल विशाखापत्तनम में एआई डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए आगे आया है, जबकि आरएसएलआर मित्तल 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश से स्टील प्लांट लगाने जा रहे हैं। इसके अलावा एएम ग्रीन कंपनी काकीनाडा में ग्रीन अमोनिया प्लांट पर भारी निवेश करने वाली है।
तेलुगु प्रवासी समुदाय के 20 देशों से आए प्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री की चार दिवसीय यात्रा के पहले दिन आयोजित किया गया, जिसके तहत वह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 22 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने छोटे देश लिकटेंस्टीन के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अंतरिक्ष और ड्रोन तकनीकों पर विशेष ध्यान दे रही है। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी जा रही है और राज्य में ‘संजीवनी’ स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैर-निवासी तेलुगु (एनआरटी) को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु आंध्र प्रदेश सरकार ने 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड तैयार किया है। उन्होंने एनआरटी से आह्वान किया कि वे केवल नौकरीपेशा न बने रहें, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें। उन्होंने कहा कि नवाचारी विचारों को अपनाकर उद्यमी बनना कठिन नहीं है।
उन्होंने बताया कि एनआरटी को उद्यमिता के लिए आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन रतन टाटा इनोवेशन हब के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जाएगा। एनआरटी को उद्यमी के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी मंत्री नारा लोकेश, टीजी भरत और केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां दुनिया के 195 देशों में तेलुगु लोग रहते हैं, वहीं आंध्र प्रदेश के एनआरटी 148 देशों में मौजूद हैं।
एनआरटी को आंध्र प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन्हें उद्यमी बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने विदेशों में कार्यरत दंपतियों को सलाह दी कि उनमें से एक व्यक्ति उद्यमिता को अपनाकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़े। यदि वे विदेश में उद्यम शुरू करना चाहें तो भी सरकार सहयोग देगी और यदि वे आंध्र प्रदेश लौटना चाहें तो राज्य सरकार उनका स्वागत करते हुए आवश्यक सहायता प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार छात्रों को विदेश में शिक्षा हासिल करने के लिए भी सहयोग दे रही है, जिसके तहत चार प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण के लिए सरकार गारंटी प्रदान कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से तिरुपति में देश का सबसे बड़ा शोध केंद्र ‘एपी फर्स्ट’ स्थापित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 2047 तक दुनिया में नंबर एक बनेगा और आंध्र प्रदेश को भी देश में नंबर एक स्थान हासिल करना चाहिए।
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