Earthquake in Afghanistan अफगानिस्तान से लेकर पाकिस्तान तक धरती कांपी , दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में भी आया भूकंप

Khabarwala 24 News New Delhi: Earthquake in Afghanistan अफगानिस्तान में गुरुवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भारत में भी इसके झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कुछ इलाकों में भूकंप ने लोगों को डरा दिया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार सुबह 11.26 बजे काबुल से 277 किलोमीटर उत्तर पूर्व में […]

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Khabarwala 24 News New Delhi: Earthquake in Afghanistan अफगानिस्तान में गुरुवार को 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भारत में भी इसके झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कुछ इलाकों में भूकंप ने लोगों को डरा दिया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार सुबह 11.26 बजे काबुल से 277 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 255 किलोमीटर की गहराई पर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया।

भूकंप के पाकिस्तान में भी लगे झटके (Earthquake in Afghanistan)

आज सुबह अफगानिस्तान में आए भूकंप ने पाकिस्तान में भी असर दिखाया।जम्मू कश्मीर और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं, पाकिस्तान के इस्लामाबाद, पेशावर, रावलपिंडी, सरगोधा, फैसलाबाद और आसपास के इलाकों में धरती हिली। पाकिस्तान में भूकंप की तीव्रता 5.4 आंकी गई है। पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

दिल्ली,नोएडा में दिखा भूकंप का असर (Earthquake in Afghanistan)

अफगानिस्तान में यह भूकंप 11.26 बजकर 26 मिनट पर आया, जिसका असर दिल्ली एनसीआर में भी देखा गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, सुबह 11.26 बजे काबुल से 277 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 255 किलोमीटर की गहराई पर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। धरती हिलते ही लोग घरों से बाहर निकलने लगे. हालांकि, अभी तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं आई है। इसका असर दिल्ली एनसीआर में भी महसूस किया गया। आज दिल्ली,नोएडा और गाजियाबाद में झटके महसूस किए गए।

क्यों आता है भूकंप? (Earthquake in Afghanistan)

आपको बता दें कि पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

जानिए क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब? (Earthquake in Afghanistan)

भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

कैसे मापा जाता है भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना? (Earthquake in Afghanistan)

भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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Sheetal Kumar Nehra
Sheetal Kumar Nehrahttps://www.khabarwala24.com/
मेरा नाम Sheetal Kumar Nehra है। मैं एक सॉफ्टवेयर डेवलपर और कंटेंट राइटर हूं , मुझे मीडिया और समाचार सामग्री में 17 वर्षों से अधिक का विभिन्न संस्थानों (अमरउजाला, पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स आदि ) में कंटेंट रइटिंग का अनुभव है । मुझे वेबसाइट डिजाइन करने, वेब एप्लिकेशन विकसित करने और सत्यापित और विश्वसनीय आउटलेट से प्राप्त वर्तमान घटनाओं पर लिखना बेहद पसंद है।

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